भारत का दारोमदार आकाशदीप सिंह, मनदीप सिंह, एस वी सुनील, ललित उपाध्याय जैसे अनुभवी स्ट्राइकरों पर होगा। गुरजंत सिंह और गुरसाहिबजीत जैसे नौजवान स्ट्राइकर भी टीम में हैं। अग्रिम पंक्ति को मैदानी गोल करने के साथ ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर दिलाने की पुरजोर कोशिश करनी होगी क्योंकि उसके पासड्रैग फ्लिकरों हरमनप्रीत सिंह, रूपिंदर पाल सिंह और अमित रोहिदास की तिकड़ी है। कप्तान सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह, यंग विवेक सागर प्रसाद, नीलकांत शर्मा जैसे आक्रामक हाफ हैं। रक्षापंक्ति में सुरेन्दर कुमार, बीरेन्द्र लाकरा के रूप में अनुभवी डिफेंडर भी हैं। अनुभवी गोलरक्षक पीआर श्रीजेश और यंग कृष्ण पाठक को इन दोनों से खास तौर पर पूरी तरह चौकस रहना होगा।
नीदरलैंड के कप्तान बिली बाकर, सेव वान ऐस, वेलेंटाइन वर्गा,मिर्को प्रूजइजर जैसे मिडफील्डर, सबसे अनुभवी स्ट्राइकरों जेरोन हर्टजबर्जर, थियरे ब्रिंकमैन के साथ मिलकर अपने तेज और नियोजित हमलों से मिडफील्डरों का इम्तिहान लेंगे। हर्टजबर्जर स्ट्राइकर होने के साथ और मिंक वान डेन वीरडन के साथ मिलकर ड्रेग फ्लिकर के रूप में भी भारत के लिए बड़ा खतरा होंगे।
2018 : में भारतीय टीम नीदरलैंड से विश्व कप क्वार्टर में फाइनल में 1-2 से हार गई थी
पिछले दस मैच में आमने-सामने
भारत जीत : 04
नीदरलैंड जीत : 05
ड्रॉ : 01
भारतीय चीफ कोच ग्राहम रीड
इस साल ओलंपिक की तैयारी के मद्देनजर हमारे लिए एफआईएच प्रो लीग में दुनिया की तीन शीर्ष टीमों नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम से मैच खासे अहम होंगे। आज दुनिया की शीर्ष दस टीम 10-12 टीमें दिन विशेष किसी को भी हरा सकती हैं। हमारी टीम अपनी पूरी क्षमता से खेली तो वह नीदरलैंड को शिकस्त देने का दम रखती हैं।’-
भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह
हमारी टीम दुनिया की शीर्ष टीमों को कहीं भी टक्कर देने का दम रखती है। यह हमारी टीम का हाल का रिकॉर्ड बताता भी है। आज की हॉकी में सबसे अहम है मौकों को भुनाना। हम ऐसा कर भी रहे हैं।’