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44 साल का इंतजार होगा खत्म?: महिला हॉकी टीम का चीन से सामना, स्वर्ण और ओलंपिक टिकट दांव पर; किसका पलड़ा भारी

Fri, 02 Oct 2026 08:58 AM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया

सार

भारतीय महिला हॉकी टीम का शुक्रवार को एशियन गेम्स के फाइनल में चीन से सामना होगा। भारतीय टीम की नजरें इस दौरान स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने पर लगी होंगी।
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भारतीय महिला हॉकी टीम - फोटो : Hockey India
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विस्तार
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शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम एशियन गेम्स के महिला हॉकी फाइनल में गत चैंपियन चीन के खिलाफ शुक्रवार को उतरेगी। इस दौरान महिला टीम की नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए क्वालिफाई करने पर लगी होंगी। टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा लॉस एंजिलिस में दो साल बाद होने वाले खेलों का सीधे टिकट कटाना है। मौजूदा फॉर्म और विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को देखते हुए यह संभव भी लग रहा है, बस अपेक्षाओं के दबाव से पार पाना होगा। 
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सिर्फ एक बार जीता है स्वर्ण पदक
भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था। उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। लेकिन युवा खिलाड़ियों से सजी कोच शोर्ड मारिन की यह टीम लंबे इंतजार को खत्म करने और दमदार प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देने का माद्दा रखती है।

पिछले साल खराब फॉर्म से जूझती दिखी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए 2026 यादगार रहा है जिसमें एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी की और पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व कप में भारत ने ग्रुप चरण में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका था, जबकि भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था। पूरे टूर्नामेंट में भारत एकमात्र मैच सह मेजबान नीदरलैंड से 0-2 से हारा था।

भारतीय महिला हॉकी टीम - फोटो : Hockey India
भारत का क्या है मजबूत पक्ष
  • इधर चीन को दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान ने निर्धारित 60 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत दर्ज करके चीन फाइनल में पहुंच सका। भारत को भी दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिली और 12 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका।
  • भारत के लिए सेमीफाइनल के 44वें मिनट में इशिका और चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल किया। भारत के लिए गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप का शानदार फॉर्म जारी रखा है।
  • भारत ने पेनल्टी कॉर्नर और ओपन प्ले में गोल किए हैं हालांकि कोरिया के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर उतना अच्छा नहीं रहा।
  • दीपिका छह मैचों में 21 गोल कर चुकी हैं जिनमें से 19 पेनल्टी कॉर्नर पर आए। नवनीत ने 10 गोल दागे हैं जिनमें से सात फील्ड गोल हैं।
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हेड टू हेड रिकॉर्ड 
चीन के लिए झोंग जियाकी ने नौ, जबकि चेन यि और झांग यिंग ने सात सात गोल किए हैं। चीन एशियाई खेलों की सबसे कामयाब टीम रही है और 2023 में हांगझोउ खेलों समेत उसने छह खिताब जीते हैं। भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते, जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे। दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा।
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