पिछले साल की निराशा को भुलाते हुए भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को 28वें सुल्तान अजलान शाह कप के शुरुआती मुकाबले में एशियाई खेलों के चैंपियन जापान के खिलाफ जीत के साथ अपने अभियान का आगाज करना चाहेगी।
कोच के बिना और कई स्टार खिलाड़ियों के फिटनेस समस्याओं से जूझने के बावजूद मनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम आत्मविश्वास से ओतप्रोत है। हाल ही में अभ्यास मैच के दौरान गुरजंट सिंह नाक की हड्डी टूटने के कारण स्वदेश लौट गए। भारतीय टीम सोमवार को यहां पहुंची।
गुरुवार को मलयेशिया के खिलाफ उसने अभ्यास मैच खेला। पिछली बार भारत छह टीमों में पांचवें स्थान पर रहा था लेकिन युवा टीम ने कुछ सीनियर खिलाड़ियों के साथ मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने 1985, 1991, 1995, 2009 और 2010 में यह खिताब जीता है। वहीं 2016 के फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया और 2017 में उसने कांस्य पदक जीता।
भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा, 'जापान, कोरिया और मलयेशिया से हमें कड़ी चुनौती मिल सकती है। वे पूरी मजबूत टीम के साथ उतर रहे हैं। युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। नए खिलाड़ियों के टीम में होने से हमें फायदा मिलेगा। विरोधी टीमों को उनके बारे में ज्यादा पता नहीं होगा।'
-सुल्तान अजलान शाह हॉकी कप में भारतीय टीम का पहला इम्तिहान आज
-बिना कोच और स्टार खिलाड़ियों के पहुंची है भारतीय टीम
-05 बार (1985, 1991, 1995, 2009, 2010) में खिताब जीत चुकी है भारतीय टीम
-01 बार रजत (2016) और एक बार कांस्य (2017) भी आया है टीम के खाते में