विश्व रैंकिंग पर पांचवें स्थान पर काबिज भारत के लिए 13वें मिनट में नीलकांत ने गोल की शुरुआत की। अगले ही सेकंड में नीलकांत को फिर गोल करने का मौका मिला जब रूसी गोलकीपर मरात गाफोरोव ने इसे रोक दिया। 19वें मिनट में भारत ने बढ़त दोगुनी कर दी जब सुमित की रिवर्स हिट के गोलकीपर द्वारा रोके जाने के बाद रीबाउंड पर सिमरनजीत ने गोल कर दिया।
एक मिनट में भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जब रोहिदास ने 3-0 से बढ़त बनाने में कोई गलती नहीं की। मेजबान को एक और शॉर्ट कॉर्नर मिला लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। बाद में भारतीय टीम ने रूस के लचर डिफेंस पर इच्छानुसार गोल दागे।
हरमनप्रीत और वरुण ने लगातार मिनट में 2 पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया जबकि गुरसाहिबजीत और आकाशदीप ने क्रमश: 38वें और 41वें मिनट में 2 फील्ड गोल दागे। युवा प्रसाद ने भी अपना नाम स्कोरशीट में नाम दर्ज कराया जिसके बाद हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। हूटर बजने से पांच मिनट पहले आकाशदीप ने दूसरा गोल किया। अब पूल के दूसरे मैच में भारतीय टीम पोलैंड से भिड़ेगी।
अंतिम क्वार्टर में दस मिनट के भीतर क्रिश्चियन डी एंजिलिस (47वां मिनट) और भारतीय मूल के परमीत पाल सिंह (57वां मिनट) के बेहतरीन गोलों की बदौलत दुनिया की 26 वें नंबर की टीम अमेरिका ने अपने दस पायदान ऊपर दक्षिण अफ्रीका को यहां एफआईएच पुरुष सीरीज फाइनल्स के पूल बी में 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
दुनिया की 16 वें नंबर की और मेजबान भारत के बाद इस टूर्नामेंट में शिरकत रही दूसरी सबसे ऊंची वरीयता प्राप्त टीम दक्षिण अफ्रीका की हार से इस पूल का पूरा गणित ही दिलचस्प हो गया है। दक्षिण अफ्रीका से ही दरअसल दुनिया की पांचवें नंबर की टीम भारत और एशियाई खेलों की चैंपियन जापान को चुनौती देने की उम्मीद की जा रही थी।
अमेरिका के कोच रटगर वीज ने कहा, ‘हम शुरू के दोनों क्वार्टर में दबाव रहे। दूसरे हाफ और खासतौर पर आखिरी क्वार्टर में हमारे स्ट्राइकर कैपलर, अल्बर्टो मंटिला पाल (परमीत) सिंह ने दोनों छोर से हमले बोल कर दक्षिण अफ्रीका का किला बिखेर दिया। यही हमारी जीत का सबब भी बना।