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पिछली हार का बदला लेने के साथ ही भारत ने जीता एशिया कप का खिताब

Sat, 01 Oct 2016 10:46 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय प्रशंसक
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भारत के लिए फाइनल में खिताब जीतने के साथ ही पिछली हार का भी बदला लेने का मौका था जिसे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर इसे कर दिखाया।
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भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों ने बांग्लादेश को उसके ही घर में मात देकर अंडर-18 एशिया कप हॉकी खिताब अपने नाम कर लिया। युवा भारतीय टीम ने एक दिन पहले ही पाकिस्तान को धूल चटाई थी और फाइनल में उसने मेजबान टीम को उसके ही मैदान में 5-4 से हरा दिया।
 
मुकाबले में रोमांच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम समय से 20 सेकेंड पहले तक स्कोर 4-4 से बराबर था। फिर अभिषेक के अंतिम मिनटों में किए गोल ने भारत को खिताब दिला दिया।
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भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों 4-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी लेकिन उस हार का बदला युवा टीम ने फाइनल जीत कर ले लिया।

 भारत ने दूसरी बार टूर्नामेंट का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले भारत ने 2001 में यह खिताब जीता था। हार्दिक सिंह मैन ऑफ द मैच रहे जबकि भारत के पंकज कुमार रजक को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर ऑफ द सीरीज चुना गया। 
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उतार-चढ़ाव वाले मैच में बांग्लादेश की टीम ने बनाई थी बढ़त

Hockey India - फोटो : PTI
खिताबी जंग में रोमन कुमार ने गोल कर बांग्लादेश को बढ़त दिलाई। इसके बाद शिवम आनंद ने कमाल के अंदाज में विपक्षी टीम के दो डिफेंडरों को छकाते हुए गोल किया और भारत को बराबरी दिला दी।

हाफ टाइम से पहले बांग्लादेश के मोहम्मद मोहसिन ने अपनी टीम को फिर से 2-1 से आगे किया। हाफ टाइम के बाद भारत के हार्दिकसिंह ने पहले स्कोर बराबर किया और फिर दिलप्रीत सिंह ने टीम को 3-2 की बढ़त दिला दी।

मैच के 60वें मिनट में मोहम्मद अशरफुल इस्लाम ने गोल दागा और टीम को बराबरी दिला दी। इबुंगो सिंह ने फिर एक बार आक्रामकता दिखाई और भारत को 4-3 से आगे किया। महबूब हुसैन ने 64वें मिनट में गोल कर एक बार फिर स्कोर बराबर कर दिया।

अभिषेक ने हूटर बजने से करीब 20 सेकेंड पहले जैसे ही गोल दागा, भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।
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