भारत के लिए फाइनल में खिताब जीतने के साथ ही पिछली हार का भी बदला लेने का मौका था जिसे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर इसे कर दिखाया।
भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों ने बांग्लादेश को उसके ही घर में मात देकर अंडर-18 एशिया कप हॉकी खिताब अपने नाम कर लिया। युवा भारतीय टीम ने एक दिन पहले ही पाकिस्तान को धूल चटाई थी और फाइनल में उसने मेजबान टीम को उसके ही मैदान में 5-4 से हरा दिया।
मुकाबले में रोमांच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अंतिम समय से 20 सेकेंड पहले तक स्कोर 4-4 से बराबर था। फिर अभिषेक के अंतिम मिनटों में किए गोल ने भारत को खिताब दिला दिया।
भारत को टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में बांग्लादेश के हाथों 4-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी लेकिन उस हार का बदला युवा टीम ने फाइनल जीत कर ले लिया।
भारत ने दूसरी बार टूर्नामेंट का चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले भारत ने 2001 में यह खिताब जीता था। हार्दिक सिंह मैन ऑफ द मैच रहे जबकि भारत के पंकज कुमार रजक को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर ऑफ द सीरीज चुना गया।