मोकी (चीन) में खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने मलयेशिया को 3-1 से हराकर लगातार चौथी बार एएचएफ पुरुष जूनियर एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। गत चैंपियन भारत की जीत के नायक कप्तान और ड्रैग फ्लिकर अनमोल इक्का रहे, जिन्होंने दो पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। अनमोल के नाम अब इस टूर्नामेंट में कुल 16 गोल हो चुके हैं। उनके अलावा सुखविंदर ने भी भारत के लिए एक गोल किया। दूसरी ओर, गोलकीपर विवेक लाकड़ा ने कई महत्वपूर्ण बचाव करते हुए टीम की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
शुरुआत से ही भारत ने बनाया दबाव
भारत ने मुकाबले की आक्रामक शुरुआत की। अजीत यादव पहले दो मिनट में ही दो बार मलयेशिया के सर्कल में पहुंचे। भारत को शुरुआती दौर में तीन पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन मलयेशिया के गोलकीपर अम्सियार मोहम्मद आदिब ने शानदार बचाव करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को गोल करने से रोक दिया।
पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में मलयेशिया ने भी गोल करने का मौका बनाया, लेकिन उसका प्रयास सफल नहीं रहा। इसके बाद 16वें मिनट में भारत को चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान अनमोल ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। मलयेशिया ने जवाबी हमला करते हुए अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन भारतीय डिफेंस और पहले रशर ने उसके प्रयास को नाकाम कर दिया।
लाकड़ा ने संभाला गोलपोस्ट
दूसरे हाफ में मलयेशिया ने बराबरी की कोशिशें तेज कीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर विवेक लाकड़ा मजबूती से डटे रहे। 34वें मिनट में उन्होंने गोल के दो प्रयासों को शानदार तरीके से नाकाम किया। भारत को इस दौरान अनुशासन संबंधी झटके भी लगे। मनमीत सिंह को 36वें मिनट और प्रभदीप सिंह को 41वें मिनट में पीला कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपना दबाव बनाए रखा।
चौथे क्वार्टर में भारत ने बढ़ाई बढ़त
चौथे क्वार्टर में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। सुखविंदर ने दूसरा गोल करके भारत को 2-0 से आगे कर दिया। इसके बाद 54वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। मलयेशिया ने इस फैसले के खिलाफ वीडियो रेफरल लिया, लेकिन वीडियो रैफरी ने मैदानी अंपायर के मूल फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद कप्तान अनमोल इक्का ने एक बार फिर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदल दिया और भारत की बढ़त 3-0 कर दी। यह अनमोल का मुकाबले में दूसरा गोल था।
मलयेशिया ने आखिरी समय में वापसी की कोशिश की और उसे आठवां पेनल्टी कॉर्नर मिला। एम राहुल ने इस मौके को गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया। हालांकि, इसके बाद भारत ने मलयेशिया को कोई और मौका नहीं दिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अब छठे खिताब पर भारत की नजर
इस जीत के साथ भारत ने लगातार चौथी बार जूनियर पुरुष एशिया कप के फाइनल में जगह बनाई है। टीम अब लगातार चौथा और कुल छठा खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। फाइनल में भारत का सामना दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। भारत की नजरें अब एक और एशियाई खिताब पर हैं।