बेल्जियम के अनुभवी डिफेंडर आर्थर वैन डोरेन का मानना है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से निरंतर और प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, उसने उसे 2026 हॉकी विश्व कप के खिताब का प्रबल दावेदार बना दिया है। लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके वैन डोरेन ने कहा कि अब भारत को किसी भी टूर्नामेंट में हल्के में लेना संभव नहीं है।
लगातार प्रदर्शन ने बढ़ाया भारत का कद
वैन डोरेन ने भारत के पिछले दो ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक जीतने का जिक्र करते हुए कहा कि यह टीम की निरंतरता और मानसिक मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'भारत को बड़े दावेदारों में न गिनना अब असंभव है। टीम लंबे समय से अच्छे नतीजे हासिल कर रही है और ओलंपिक पदक इसका सबूत हैं।'
टीम संतुलन भारत की सबसे बड़ी ताकत
बेल्जियम के इस दिग्गज खिलाड़ी ने भारतीय टीम के संतुलन की खुलकर तारीफ की। उनके अनुसार, भारत के पास हर विभाग में गुणवत्ता मौजूद है, चाहे वह डिफेंस हो, मिडफील्ड या अटैक। उन्होंने कहा, 'भारत के पास एक अच्छा कोचिंग सेटअप है, अनुभवी खिलाड़ी हैं और साथ ही युवा प्रतिभाएं भी लगातार आगे आ रही हैं। आज टीम जिस मुकाम पर है, वह संयोग नहीं बल्कि लंबे समय की मेहनत का नतीजा है।'
खिताबी राह आसान नहीं
हालांकि, वैन डोरेन ने यह भी साफ किया कि विश्व कप में किसी भी टीम के लिए राह आसान नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के अलावा पांच से सात ऐसी टीमें हैं जो आत्मविश्वास से भरी हुई हैं और खिताब की दौड़ में बराबरी से उतरेंगी। उनके मुताबिक, 'यही अंतरराष्ट्रीय हॉकी की खूबसूरती है। शीर्ष स्तर पर मुकाबला बेहद कड़ा है।'
युवा खिलाड़ियों की तकनीक ने किया प्रभावित
वैन डोरेन ने भारतीय युवा खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता और सीखने की भूख की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी दुनिया की अन्य टीमों की तुलना में अधिक सक्रिय और खेल के प्रति समर्पित नजर आते हैं। उन्होंने कहा, 'भारतीय खिलाड़ी बहुत कम उम्र में ही अपने कौशल को अगले स्तर तक ले जाते हैं। वे लगातार सीखना और बेहतर बनना चाहते हैं।'
कब और कहां होगा विश्व कप
पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 14 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में किया जाएगा, जहां भारत की नजर एक बार फिर इतिहास रचने पर होगी।