खेल मंत्रालय ने टोक्यो ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए जिन 32 विदेशी कोच का करार बढ़ाया है उनमें फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टीमेक और उनकी टीम भी शामिल है। कोरोना के चलते एशियन कप फुटबॉल क्वालिफायर का कार्यक्रम गड़बड़ाने के कारण ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) की सलाह पर मंत्रालय ने स्टीमेक, फिटनेस स्ट्रेंग्थनिंग कोच लूका रेडमैन और गोलकीपिंग कोच टॉमिस्लॉव रोजिक का करार 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया है। हालांकि स्टीमेक लंबे समय से क्रोएशिया में हैं।
भारत को अक्तूबर में घर में कतर के खिलाफ विश्व कप क्वालिफायर का अहम मुकाबला खेलना है। स्टीमेक को दो साल के लिए मई 2021 तक एशियन कप क्वालीफायर को ध्यान में रखते हुए अनुबंधित किया गया था, लेकिन कोरोना के चलते अब ऐसा संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनका करार बढ़ाया गया है। सूत्रों का कहना है कि उनका कार्यकाल इसके आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
देश के सबसे महंगे कोच हैं: 1998 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली क्रोएशियाई टीम के डिफेंडर रहे स्टीमेक देश के सबसे महंगे विदेशी कोच हैं, उन्हें प्रति माह करीब 17.20 लाख रुपये मिलते हैं। इसमें एआईएफएफ की ओर से उनके वेतन के रूप में दिया जाने वाला टैक्स भी शामिल है। इस वेतन का बड़ा हिस्सा करीब 10 लाख रुपये से अधिक खेल मंत्रालय जबकि बाकी कि राशि फेडरेशन वहन करती है। स्टीमेक के जुड़ने के बाद भारतीय टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि विश्व कप क्वालिफायर में एशियाई चैंपियन कतर को उसी के घर में गोल रहित ड्रॉ पर रोकना है।