हॉकी विश्व कप में क्या बदला है?
2026 हॉकी विश्व कप में सबसे बड़ा बदलाव क्वार्टर फाइनल का हटना है। पिछले कुछ संस्करणों में ग्रुप स्टेज के बाद क्वार्टर फाइनल के जरिए सेमीफाइनलिस्ट तय होते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
पुरुष और महिला दोनों विश्व कप में 16 टीमें हिस्सा लेंगी। इन्हें चार पूल- A, B, C और D में बांटा गया है। हर पूल में चार टीमें होंगी और सभी टीमें अपने पूल की बाकी तीन टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेंगी।
यानी पहले चरण में हर टीम को तीन मैच मिलेंगे। इन मैचों के बाद हर पूल की रैंकिंग तय होगी।
पहले चरण में टॉप-2 पर रहना क्यों जरूरी?
- यही नए फॉर्मेट का सबसे अहम हिस्सा है। चारों पूल से सिर्फ शीर्ष दो टीमें अगले चरण में जाएंगी।
- तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें भी टूर्नामेंट से बाहर नहीं होंगी, लेकिन उनका सफर खिताब की दौड़ से खत्म हो जाएगा और वे आगे 9वें से 16वें स्थान के लिए खेलेंगी।
- भारत के पुरुषों को पूल डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। महिला टीम भी पूल डी में चीन, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ है।
- इसलिए भारत के लिए शुरुआती तीन मुकाबले बेहद अहम होंगे।
पुरुष हॉकी विश्व कप: सभी ग्रुप्स
| पूल |
टीमें |
आयोजन स्थल |
| पूल A |
नीदरलैंड, अर्जेंटीना, न्यूजीलैंड, जापान |
नीदरलैंड |
| पूल B |
बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, मलेशिया |
बेल्जियम |
| पूल C |
ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका |
बेल्जियम |
| पूल D |
इंग्लैंड, भारत, पाकिस्तान, वेल्स |
नीदरलैंड |
महिला हॉकी विश्व कप: सभी ग्रुप्स
| पूल |
टीमें |
आयोजन स्थल |
| पूल A |
नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चिली, जापान |
नीदरलैंड |
| पूल B |
अर्जेंटीना, जर्मनी, अमेरिका, स्कॉटलैंड |
बेल्जियम |
| पूल C |
बेल्जियम, स्पेन, न्यूजीलैंड, आयरलैंड |
बेल्जियम |
| पूल D |
चीन, इंग्लैंड, भारत, दक्षिण अफ्रीका |
नीदरलैंड |
दूसरे चरण में कैसे बनेगा नया ग्रुप?
पहले चरण के बाद टीमें अपने प्रदर्शन के आधार पर चार नए पूल में बांटी जाएंगी।
- पूल E: पूल A और D की पहले और दूसरे स्थान वाली टीमें
- पूल F: पूल B और C की पहले और दूसरे स्थान वाली टीमें
- पूल G: पूल A और D की तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमें
- पूल H: पूल B और C की तीसरे और चौथे स्थान वाली टीमें
यानी भारत अगर पूल डी में टॉप-2 में रहता है, तो वह पूल ई में जाएगा और उसका सामना पूल ए से आगे आने वाली दो टीमों से होगा।
दूसरे चरण में सेमीफाइनल कैसे मिलेगा?
पूल ई और एफ खिताब की सीधी दौड़ तय करेंगे। दोनों पूल से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
सेमीफाइनल में मुकाबले इस तरह होंगे:
- पूल E की नंबर-1 टीम बनाम पूल F की नंबर-2 टीम
- पूल F की नंबर-1 टीम बनाम पूल E की नंबर-2 टीम
इसलिए दूसरे चरण में शीर्ष दो में रहना ही सेमीफाइनल का टिकट होगा। यहां कोई क्वार्टर फाइनल नहीं खेला जाएगा।
विश्व कप में कब उतरेगी भारतीय टीम?
- पुरुष हॉकी विश्व कप 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। भारत को पूल डी में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। भारत 1975 के बाद पहली बार विश्व चैंपियन बनने की कोशिश करेगा। भारत पाकिस्तान मैच 19 अगस्त को है।
- वहीं महिला हॉकी विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होगा। भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी। इसके बाद उसका सामना दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से होगा।
कब होंगे फाइनल?
महिला विश्व कप का फाइनल और कांस्य पदक मुकाबला 29 अगस्त को नीदरलैंड में होगा। पुरुष विश्व कप का कांस्य पदक मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को बेल्जियम में खेला जाएगा। इस नए फॉर्मेट में खिताब जीतने वाली टीम को पहले चरण से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। खासकर भारत जैसी टीमों के लिए पहले पूल में टॉप-2 और फिर दूसरे चरण में शीर्ष दो में जगह बनाना सेमीफाइनल तक पहुंचने की सबसे अहम सीढ़ी होगी।