यूरोप की दो दिग्गज और एक सी शैली से खेलने वाली तीन बार की चैैंपियन नीदरलैंड और लगातार दो बार खिताब जीत चुकी जर्मनी के बीच यहां हॉकी विश्व कप में पूल डी के मैच में अत्यंत रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है।
बुधवार के इस मैच की विजेता का सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचना तय हो जाएगा। दोनों ही टीमों ने पूल ऑफ डेथ में अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया है। विश्व कप में अब तक दोनों टीमें कुल नौ बार भिड़ी हैं और दोनों तीन-तीन बार जीती हैं और तीन बार मैच ड्रॉ रहे हैं। कागजों पर पलड़ा भले नीदरलैंड का भारी लगे लेकिन जर्मनी भी कम नहीं है।
जर्मनी की आखिरी दम तक जूझने की क्षमता के कारण उसे हल्के लेने की भूल कोई भी टीम नहीं कर सकती है। जेरोन हटर्जबर्गर, मिर्को प्रूइजर और थियरे ब्रिंकमैन जैसे स्ट्राइकर के साथ कपन बिली बाकर और सेव वान ऐस, कप्तान बिकी बाकर और जॉरिट क्रून जैसे मिडफील्डर की मौजूदगी में पिछली बार अपने घर में उपविजेता रही दुनिया की चौथे नंबर की नीदरलैंड की अग्रिम पंक्ति को रोकना जर्मनी की रक्षापंक्ति के लिए बड़ी चुनौती होगा। मलयेशिया के खिलाफ 7-0 से बड़ी जीत से आगाज करने वाली नीदरलैंड के पास गोल करने में माहिर हर्टजबर्गर के साथ ड्रैग फ्लिकर के रूप में मिंक वानडेर मिंक भी हैं।
जर्मनी की ताकत है अपने किले की मजबूत चौकसी है। जर्मनी अपने पहले मैच में यहां बहुत पसीना बहाने के बाद बमुश्किल मार्को मिलताउ के गोल से ही पाकिस्तान के खिलाफ जीत पाई थी। क्रिस्टोफर रुइर, मार्को मिलताउ, फ्लोरियन फुश्च जैसे स्ट्राइकरों और टिम हर्जब्रुख, डान नगुइन कप्तान मार्टिन हेनर जैसे आक्रामक ऑलराउंडर हैं जो कि नीदरलैंड के गोलरक्षक प्रिमिन ब्लाक का अच्छा इम्तिहान ले सकते हैं।