पाकिस्तान को अपने अंतिम मुकाबले में नीदरलैंड से 1-5 से हार का मुंह देखना पड़ा। मगर पाकिस्तान इसके बावजूद क्रॉस ओवर दौर के लिए क्वालीफाई कर चुका है।
जर्मनी की टीम तीन मैचों में नौ अंक से शीर्ष पर रही। नीदरलैंड छह अंक से दूसरे स्थान पर जबकि पाकिस्तान एक अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहा। मलेशिया का भी एक अंक था लेकिन एशियाई खेलों की रजत पदकधारी टीम खराब गोल अंतर के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
सोमवार को क्रास ओवर मैच में इंग्लैंड का सामना न्यूजीलैंड से जबकि फ्रांस की भिड़ंत चीन से होगी जबकि बेल्जियम की टीम मंगलावार को पाकिस्तान से और नीदरलैंड की टीम कनाडा से भिड़ेगी।
नीदरलैंड के लिए थिएरी ब्रिंकमैन (सातवें मिनट), वालेंटिन वर्गा (27वें मिनट), बॉब डि वूग्ड (37वें मिनट), जोरिट क्रून (47वें मिनट) और मिंक वान डर वीर्डन (59वें मिनट) ने गोल किए। वहीं पाकिस्तान के लिए एकमात्र गोल उमर भुट्टा ने नौंवे मिनट में किया।
पाकिस्तान की टीम कभी भी एकजुट नहीं दिखी। अपने से ऊंची रैंकिंग की प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ वह ज्यादातर समय जवाबी हमलों पर निर्भर दिखी लेकिन टर्फ पर दोनों टीमों के बीच अंतर साफ देखा जा सकता था।
दुनिया की चौथे नंबर की टीम नीदरलैंड ने चौथे ही मिनट में पेनल्टी कार्नर हासिल कर अच्छी शुरूआत की, हालांकि वे इसका फायदा नहीं उठा पाए। तीन मिनट बाद ब्रिंकमैन ने नीदरलैंड को बढ़त दिलाई।
पाकिस्तान ने हालांकि वापसी करते हुए लगातार तीन पेनल्टी कार्नर हासिल किये, जिसमें से अंतिम में भुट्टा ने रिबाउंड से गोल किया।
दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने पेनल्टी कार्नर पर प्रयास किये, पर गोल करने में कामयाब नहीं हो सकीं। हाफ टाइम से तीन मिनट पहले नीदरलैंड ने वर्गा के शानदार मैदानी गोल की बदौलत बढ़त हासिल की।
उसने 37वें मिनट में डि वूग्ड के जेरोएन हट्जबर्गर के पास पर किये गोल से इसे और बढ़ा लिया। नीदरलैंड ने हमले जारी रखे और तेजी से दो पेनल्टी कार्नर भी हासिल किये जिसमें से एक में जोरिट क्रून ने स्कोर 4-1 कर मैच यूरोपीय टीम के पक्ष में कर दिया।
मैच समाप्त होने से पहले वान डर वीर्डन ने पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर स्कोर में इजाफा किया।