चीन की टीम भले ही विश्व रैंकिंग में आयरलैंड से 10 पायदान नीचे हो लेकिन उसने अपने पहले मैच में जिस तरह इंग्लैंड को दो-दो की बराबरी पर रोका उससे यह तो साबित हो गया कि यहां इस विश्व कप में शिरकत कर रही कोई भी टीम उसे हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती है।
विश्व रैंकिंग में दसवें नंबर की आयरलैंड की टीम अपने कप्तान और दुनिया के बेहतरीन गोलरक्षक डेविड हार्ट की मौजूदगी से अपने किले की मजबूत चौकसी करना खूब जानती है। आयरलैंड की टीम को यह बात समझनी होगी कि मैच में पूरे अंक महज किले की हिफाजत से नहीं बल्कि गोल दाग कर जीत से मिलते हैं।
गोल करने के लिए आयरलैंड के पास शेन और पॉल ही हैं। उधर विश्व रैंकिंग में 17 वें नंबर पर काबिज चीन ने इंग्लैंड के खिलाफ पहला गोल कर दर्शा दिया कि उसके खिलाड़ी अपने किले की चौकसी के साथ गोल करना भी जानते हैं। शूजू आओ, वेनलिन सू और कप्तान चेन दू जैसे स्ट्राइकर तथा तलाके दू के रूप में दमदार ड्रैग फ्लिकर है।