कोरोना संकट के बीच हॉकी इंडिया ने अपने खिलाड़ियों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। हॉकी इंडिया ने कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से आर्थिक समस्या से जूझ रहे खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है।
हॉकी इंडिया ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 34 महिलाओं सहित 61 बेरोजगार खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता मुहैया कराएगा जिससे कि उनकी खेल गतिविधियों में वापसी में मदद हो सके। जिन खिलाड़ियों के पास नौकरी नहीं है उन्हें महामारी के कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा है और इसका उन पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इस पहल के तहत प्रत्येक खिलाड़ी को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
प्रेस विज्ञप्ति में हॉकी इंडिया के कार्यवाहक अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोमबाम के हवाले से कहा गया, ‘कोविड-19 के साथ मौजूदा लड़ाई का उन खिलाड़ियों पर प्रतिकूल असर पड़ा है जिनके पास नौकरी नहीं है, उनके लिए खेल गतिविधियां शुरू कर पाना मुश्किल है क्योंकि उनका परिवार वित्तीय संकट का सामना कर रहा है।’
उन्होंने कहा, ‘हॉकी इंडिया उन्हें तुरंत राहत पहुंचाने का तरीका ढूंढ रहा था और हमने फैसला किया है कि इस मुश्किल समय में प्रत्येक खिलाड़ी को 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देंग। इसका मतलब होगा कि उनके परिवार पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि वे निकट भविष्य में खेल गतिविधियां फिर शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।’
निंगोमबाम ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि इस सहायता से खिलाड़ियों की जल्द ही खेल गतिविधियां शुरू करने में मदद होगी।’
इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को जरूरी वित्तीय सहायता मुहैया कराना है। सीनियर और जूनियर पुरुष तथा महिला कोर संभावित खिलाड़ियों में लगभग 61 लोगों को इस पहल के तहत फायदा होगा जिसमें 30 जूनियर महिला, 26 जूनियर पुरुष, चार सीनियर महिला और एक सीनियर पुरुष टीम का कोर संभावित खिलाड़ी शामिल है।