जूड फेलिक्स का भारत की पुरुष जूनियर हॉकी टीम के चीफ कोच के रूप में कार्यकाल 20 जून को खत्म होने के बाद हॉकी इंडिया ने इस पद के लिए विज्ञापन निकाला था। इस साल नौ जनवरी को हॉकी इंडिया ने हरेन्द्र सिंह को भारत की सीनियर पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच से पद से हटा कर जूनियर पुरुष हॉकी टीम का कोच पद संभालने की पेशकश की थी।
तब हरेन्द्र ने कहा था कि वह वह भारत की जूनियर हॉकी टीम के चीफ कोच पद की जिम्मेदारी तभी संभालेंगे जब हॉकी इंडिया उनकी सभी शर्तें मानने को तैयार हो। इनमें हरेन्द्र की सबसे बड़ी शर्त थी कि उन्हें किसी भी विदेशी कोच के बराबर वेतन दिया जाए। सूत्रों पर यकीन करें तो हॉकी इंडिया के आका हरेन्द्र से इस बाबत एक से ज्यादा बार संपर्क कर चुके हैं लेकिन अभी कोई बात नहीं बनी है।
हरेन्द्र दरअसल भारत के हॉकी कोच के रूप में कुछ ज्यादा ही भावुक हैं। भारतीय हॉकी हरेन्द्र के दिल में है और इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। दरअसल इस पद के लिए रखी गई लेवल 3 एफआईएच कोच की योग्यता पर हरेन्द्र सबसे खरे उतरते हैं। इस लिहाज से कोई भी दूसरा भारतीय उनके पासंग फिलहाल नहीं लगता है।
हॉकी इंडिया की सीईओ इलिना नॉर्मन, हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन, भारत की सीनियर पुरुष हॉकी टीम के चीफ कोच ग्राहम रीड और एनालिटिकल कोच क्रिस सिरिलो सभी ऑस्ट्रेलियाई हैं।
भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों की ओलंपिक क्वॉलिफाइंग की तैयारियों के लिए एक पखवाड़े के प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षण देने के लिए लिए कभी डिफेंडर फरगस कवानगा तो कभी स्ट्राइकर फॉरवर्ड ग्लेन टर्नर जैसे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई को बुलाने से कोई भी अन्य विदेशी इस पद के लिए आवेदन करने को ज्यादा उत्सुक नहीं नजर आ रहा है।