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मनप्रीत, सविता व धर्मवीर के नाम की हॉकी इंडिया ने की अर्जुन अवॉर्ड के लिए सिफारिश

Fri, 04 May 2018 01:55 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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हॉकी
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भारत की गोल्डकोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में खेलने वाली टीम के कप्तान सेंटर हाफ मनप्रीत सिंह, महिला हॉकी टीम की उपकप्तान देश की बेहतरीन गोलरक्षक सविता पूनिया और अपने बेहतरीन स्ट्राइकर और आक्रामक सेंटर रह चुके धर्मवीर सिंह के नाम की सिफारिश हॉकी ने 2018 के अर्जुन अवॉर्ड के लिए की है। 

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अपने समय की बेहतरीन मिडफील्डर संगई चानू और भारत के पूर्व गोलरक्षक भरत छेत्री के नाम की हॉकी इंडिया ने मेजर ध्यानचंद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के लिए की है। छेत्री फिलहाल भारत की पुरुष और महिला गोलरक्षकों को बतौर मेंटर गोलरक्षण के गुर सिखा रहे हैं। 

हॉकी इंडिया ने हॉकी कोच का बीएस चौहान की द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए सिफारिश की है। रिटायर हॉकी कोच चौहान ने लंबे समय तक भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में बतौर कोच जमीनी स्तर पर हॉकी के विकास और नौजवान खिलाडिय़ों को बेहतरीन हॉकी खिलाडिय़ों के लिए तैयार किया। 

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इस वजह से की गई सिफारिश

मनप्रीत सिंह
इन खिलाडिय़ों और कोचों के नाम की हॉकी में उनके योगदान को देखते हुए विभिन्न पुरस्कारों के लिए सिफारिश करने की घोषणा हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने गुरुवार को की। 

उन्होंने कहा, 'इन खिलाडिय़ों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय हॉकी को नई बुलंदियों में पहुंचाने में अहम योगदान दिया है। इन खिलाड़ियों ने अपना सब कुछ झोंक कर टीम तिरंगे का मान बढ़ाया। भारत का अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में गौरव बढ़ाने के लिए बहुत पसीना बहाया। हम इन खिलाड़ियों और कोचों के नामों की विभिन्न राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए सिफारिश करने की बहुत खुशी है।' 


26 वर्षीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने खुद अनुकरणीय प्रदर्शन कर भारत को अपनी कप्तानी में पिछले साल भुवनेश्वर में हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल में ब्रॉन्ज और ढाका में एशिया कप जिताने में अहम रोल निभाया। वह बीते बरस लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम तथा 2014 में इंचियोन एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे और।

मनप्रीत सिंह ने किया बेहद खास प्रदर्शन

भारतीय हॉकी टीम - फोटो : twitter
पंजाब के मनप्रीत सिंह 2012 और 2016 के ओलंपिक खेलों में शिरकत करने वाली भारतीय टीम में शामिल थे। वह 2014 में ग्लास्गो में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे। भारत भले ही गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में इंग्लैंड से हार कर कांसा जीतने से चूक गया, लेकिन मनप्रीत सिंह ने खुद आक्रामक सेंटर हाफ के रूप में भारत के आक्रमण और रक्षण की मजबूत कड़ी के रूप में अहम रोल निभाया था। 

मनप्रीत भारत के लिए 200 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। मनप्रीत सिंह के भारत के लिए लगभग हर बड़े टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर हॉकी इडिया ने उनके नाम की अर्जुन अवॉर्ड के लिए सिफारिश की है। 
 
27 वर्षीय गोलरक्षक सविता पूनिया ने भारत की महिला हॉकी टीम की मजबूत गोलररक्षक के रूप में खुद को स्थापित किया। उनकी गोल में मौजूदगी से भारत का किला महफूज रहता है। हरियाणा की सविता पूनिया ने भारत को जापान में पिछले साल एशिया कप जिताकर सीधे लंदन महिला हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई कराया। 

उन्होंने भारत को 36 बरस के लंबे अंतराल के बाद 2016 में रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई कराने में अहम रोल अदा किया और इन खेलों में भारत की नुमाइंदगी भी की। 
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सविता पूनिया का योगदान किसी से छिपा नहीं

सविता पूनिया
सविता ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की महिला हॉकी टीम को 12 बरस के अंतराल के बाद सेमीफाइनल में पहुंचाने के साथ बतौर गोलरक्षक सभी का दिल जीता। इसी बढिय़ा प्रदर्शन आधार पर हॉकी इंडिया ने उनके नाम की सिफारिश अर्जुन अवॉर्ड के लिए की है। वह इसकी सही हकदार भी हैं। 
  
28 वर्षीय धर्मवीर सिंह ने अपनी हॉकी की कलाकारी और चतुराई से भारत की पुरुष हॉकी टीम को 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जिताने मे अहम रोल अदा किया। अपने समय मे बेहद कुशल स्ट्राइकर और आक्रामक सेंटर हाफ रहे धर्मवीर वह 2012 में लंदन ओलंपिक और 2014 हेग विश्व कप में भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के मद्देनजर हॉकी इंडिया ने उनके नाम की सिफारिश अर्जुन अवॉर्ड के लिए की है। 

37 वर्षीय मिडफील्डर संगई चानू ने भारत की महिला हॉकी टीम के लिए करीब एक दशक तक खेलते हुए दो 1998 और 2006 के विश्व कप में टीम की नुमाइंदगी की। वह 2002 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम की अहम सदस्य रही। 
उन्होंने भारत को नई दिल्ली में 2014 में महिला एशिया कप जिताने में योगदान किया। हॉकी इंडिया ने उनके नाम की सिफारिश मेजर ध्यानचंद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2018 के लिए  की है। 
 
36 वर्षीय भरत छेत्री भारत की 2012 में लंदन ओलंपिक में खेलने वाली पुरुष हॉकी टीम के कप्तान और गोलरक्षक रहे। वह भारत की दिल्ली में 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम तथा 2010 के एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता टीम के अहम सदस्य रहे। 

फिलहाल वह भारत की पुरुष और महिला गोलरक्षकों को बतौर मेंटर गोलरक्षण के गुर सिखा रहे हैं। इसी योगदान के मद्देनजर हॉकी इंडिया उनके नाम की सिफारिश मेजर ध्यानचंद लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2018 के लिए की है।
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