नीदरलैंड के तेज तर्रार खिलाड़ी रहे वाल्थेरुस मरीजिने को भारतीय पुरुष हॉकी टीम का कोच बनाए जाने के बाद उनकी नियुक्ति को लेकर हॉकी के दिग्गजों ने सवाल उठा दिए हैं। पूर्व खिलाड़ियों ने इस फैसले को समझ से परे बताया है। उन्होंने कहा कि मरीजिने को सीनियर टीम के साथ काम करने का अनुभव नहीं है। ऐसे में वह टीम को मजबूत नहीं बना पाएंगे।
मरीजिने के अलावा जूनियर विश्व कप विजेता टीम के कोच रहे हरेंद्र सिंह को महिला टीम का कोच बनाया गया है।
पूर्व खिलाड़ी अजीत पाल सिंह ने नियुक्ति पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि यह निर्णय मेरी समझ से बाहर है। मरीजिने ने कभी किसी सीनियर पुरुष टीम को किसी तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया है। वह पुरुष खिलाड़ियों को ढंग से जानते भी नहीं है। इसके अलावा पूर्व खिलाड़ी हरेंद्र सिंह को महिला टीम की कमान सौंप दी गई है। वह महिला टीम के कोच कभी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि अभी रोलेंट ओल्टमेंस को नहीं हटाया जाना चाहिए। पूर्व हॉकी कप्तान धनराज पिल्लै ने कहा कि हरेंद्र पुरुष टीम के लिए बेहतर होते। उन्हें पुरुष टीम का कोच बनाते तो बेहतर परिणाम आते।
पिल्लै ने कहा कि हॉकी इंडिया को विदेशी कोच से इतना लगाव क्यों है। उसे किसी भारतीय को कोच बनाना था। पूर्व चैंपियन जफर इकबाल ने कहा कि मरीजिने भी नीदरलैंड के हैं। वह और ओल्टमेंस एक जैसा काम करते हों। इसलिए मरीजिने को यह जिम्मेदारी सौंपी गई हो।