कप्तान मनप्रीत सिंह कहते हैं कि 2020 भारतीय सीनियर पुरुष हॉकी टीम के लिए खासा अहम है। अनुभवी मिडफील्डर ने भुवनेश्वर से अमर उजाला से फोन पर कहा कि टीम टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल तक पहुंच सकती है। पर इसके लिए हमें अनुशासन के साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन भी करना होगा। बीता वर्ष अच्छा रहा। हम शुरुआत में पांचवें स्थान पर थे और उसे बरकरार रखने में कामयाब रहे। हमारा लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना था और नए कोच के साथ हम ऐसा कर पाए।
एफआईएच प्रो लीग खुद को आंकने का मौका देगी : मनप्रीत ने कहा कि ओलंपिक से पहले एफआईएच प्रो लीग में नीदरलैंड, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने से पता चल जाएगा कि टीम कहां ठहरती है। भारत को नीदरलैंड के खिलाफ भुवनेश्वर में 18-19 जनवरी को खेलना है। इसके बाद बेल्जियम और फिर ऑस्ट्रेलिया से खेलना है। यह ओलंपिक की तैयारी की दिशा में पहला कदम होगा। इसमें हमें अपनी खामियों को दूर करने का पूरा मौका मिलेगा। हमारे पास ओलंपिक के लिए करीब सात महीने हैं। हम हर मैच के साथ अपना खेल बेहतर करना चाहते हैं। हम उस्ताद ग्राहम रीड के मार्गदर्शन में एक तय प्रक्रिया के तहत ओलंपिक में अपने मकसद को पाने में जुटे हैं। इसका फायदा हमें टोक्यो में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यंग स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह और अनुभवी मिडफील्डर चिंगलेनसाना सिंह की कोर ग्रुप के संभावितों में वापसी अच्छा संकेत है। हमारे पास अब खिलाड़ियों का ऐसा बड़ा पूल है जो दबाव झेलना जानता है। यह हमारे लिए अच्छी बात है। नीदरलैंड, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया के जीतना है तो क्या करना होगा इस बाबत अपने चीफ कोच ग्राहम रीड को अवगत करा चुके हैं।’