ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को गर्व है कि बतौर कप्तान वह भारतीय हॉकी टीम को टोक्यो में ओलंपिक टेस्ट टूर्नामेंट में खिताब दिलाने में कामयाब रहे। दुनिया की पांचवें नंबर की टीम भारत ने कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया था। इसके बावजूद न्यूजीलैंड को 5-0 से हराकर भारत ने खिताब जीता।
हरमनप्रीत ने कहा कि,‘टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों के लिए यह सुनहरा मौका था। कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को आराम दिए जाने के कारण यह युवा टीम थी, लेकिन सभी कसौटी पर खरे उतरे। मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन पर फख्र है।’
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया। मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मैने पहली बार इस टीम की कप्तानी की। भारत के लिए 2016 एफआईएच चैम्पियंस ट्राफी, 2018 राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के अलावा पिछले साल विश्व कप खेल चुके हरमनप्रीत रियो ओलंपिक में सबसे युवा खिलाड़ियों में से एक थे।
उन्होंने कहा कि पिछला ओलंपिक खेलना यादगार अनुभव रहा लेकिन हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। अब टीम का पूरा ध्यान टोक्यो ओलंपिक पर है और उसके लिए क्वालीफाई करने पर हम जरूर कुछ बड़ी उपलब्धि हासिल करेंगे।