राज्यसभा सांसद और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डिफेंडरों में शुमार पूर्व हॉकी कप्तान दिलिप टिर्की ने कहा कि ओडिशा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां खेल जीवन का हिस्सा है और यही टूर्नामेंटों की कामयाबी का एक बहुत बड़ा लक्षण है।
गौरतलब है कि हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2017 में टीम इंडिया और अर्जेंटीना के बीच सेमीफाइनल मैच मुसलाधार बारिश के बीच खेला गया, लेकिन दर्शकों का उत्साह थोड़ा भी कम नहीं हुआ। मुसलाधार बारिश के के बावजूद भी लोगों मे मैदान को छोड़कर नहीं भागे। करीब 9 हजार की दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम खचाखच भरा था और दर्शकों का उत्साह देखने को मिला। हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल से पहले साल 2014 में चैम्पियंस ट्रॉफी हाकी और इस साल एशियाई एथलेटिक्टस चैम्पियनशिप खेली गई। उसमें भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिला था।
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तेज बारिश के बावजूद भी दर्शक हाथ में छाते लिए भारतीय हॉकी टीम की हौसला बढ़ा रहे थे। ओडिशा का कलिंगा स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ बड़ी तादाद में थी। अंतरराष्ट्रीय खेलों के नक्शे पर ओडिशा को एक बेहतरीन मेजबान के रूप में स्थापित किया गया।
बता दें कि अगले साल भुवनेश्वर में पुरूष सीनियर हॉकी वर्ल्ड कप होना है। इस मामले में खेलमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी कहा कि भुवनेश्वर में खेलों के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाये जा सकते हैं और इसके लिए सरकार जरूर काम करेगी। उन्होंने कहा कि यहां लोगों का खेलों के प्रति उत्साह वाकई काबिले तारीफ है। आगे उन्होंने कहा कि विभिन्न खेलों के लिए देश में अलग- अलग सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने पर बातचीत चल रही है और ओडिशा भी उसमें शामिल है। मालूम हो कि हाल ही में भारतीय हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल 2017 में जर्मनी को 2-1 से हराकर ब्रोंज मेडल जीता।