भारत ने इससे उबरने के प्रयास किए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। विकहैम ने 18वें मिनट में एडी ओकेनडेन के पास पर गोल करके स्कोर दोगुना कर दिया। मध्यांतर तक आस्ट्रेलिया 2-0 से आगे था। भारत को तीसरे क्वार्टर के पांचवें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन रूपिंदर का ड्रैग फ्लिक जैक हार्वी ने बचा दिया।
इसके एक मिनट बाद में राजकुमार ने रिबाउंड पर गोल किया। इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया ने जवाबी हमला किया और पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कोरी वेयर के शॉट को खूबसूरती से बचाया। लेकिन आस्ट्रेलिया ने दबाव बनाए रखा और दो मिनट के अंदर दो गोल करके 4-1 से मजबूत बढ़त हासिल कर दी।
भारतीयों ने हालांकि हार नहीं मानी और राजकुमार ने 47वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया। अंतिम हूटर बजने से आठ मिनट पहले रूपिंदर ने पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर भारत की उम्मीद जगायी। अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश आखिर में भारत के बचाव में आए।
उन्होंने एंडरसन और कर्ट लोवेट के प्रयासों को नाकाम किया। भारत को अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन रूपिंदर का शाट बाहर चला गया। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच दूसरा मैच शनिवार को खेला जाएगा।