अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट में टीम भेजने को लेकर खेल मंत्रालय और हॉकी इंडिया के बीच मंगलवार को जमकर नाटक खेला गया। साई ने नौ से 17 मार्च तक इपोह (मलेशिया) में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का खर्च उठाने से इंकार कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया करते हुए हॉकी इंडिया ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को रोक दिया। जब इसका पता खेल मंत्रालय को लगा तो उन्होंने साई को टीम का खर्च उठाने के निर्देश दिए।
इस टूर्नामेंट के लिए हॉकी इंडिया दानिश मुजतबा की अगुवाई में दूसरे दर्जे की टीम की घोषणा कर चुका है। टूर्नामेंट के लिए साई को सिर्फ टीम की हवाई यात्रा का खर्च उठाना था। रहने व खाने का खर्च आयोजकों की ओर से उठाया जा रहा है। लेकिन साई ने यह खर्च भी उठाने से इंकार कर दिया।
हॉकी इंडिया के मुताबिक उन्होंने इस बारे में साई के डीजी गोपाल कृष्ण से बात की लेकिन उन्होंने भी इंकार कर दिया। इसके बाद 2009 व 2010 में यह टूर्नामेंट को जीतने वाली भारतीय टीम को इपोह नहीं भेजने का निर्णय ले लिया गया। साई सूत्रों की मानें तो एसीटीसी की बैठक में हॉकी इंडिया का बजट 11.77 करोड़ रुपये इस वर्ष के लिए निर्धारित है। जो पूरा खर्च किया जा चुका है। साथ ही इस टूर्नामेंट को एसीटीसी में मंजूरी भी नहीं मिली है।
खुद हॉकी इंडिया इस टूर्नामेंट में टीम अपने खर्च पर भेजने की बात कही थी। जिसके चलते सरकारी सहायता नहीं देने की बात कही गई। बात बढ़ते देख खेल मंत्रालय को बीच में उतरना पड़ा। उन्होंने साई को इस टूर्नामेंट के लिए हवाई यात्रा का खर्च उठाने के निर्देश दिए।