पूर्व कप्तान दिलीप टिर्की ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम ने हॉकी विश्व कप में इतिहास दोहराने का स्वर्णिम मौका गंवा दिया। भारतीय हॉकी की भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने विश्वस्तरीय ड्रैग फ्लिकर्स तैयार करने पर जोर दिया।
रुपिंदर पाल सिंह की अनुपस्थिति में भारत के पास हरमनप्रीत, अमित रोहिदास और वरुण कुमार के रूप में तीन ड्रैग फ्लिकर्स थे लेकिन उनकी पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर सिर्फ 30.7 प्रतिशत थी।
टिर्की ने कहा कि हमें विश्वस्तरीय ड्रैग फ्लिकर्स की जरूरत है। हमारे पास अभी हरमनप्रीत, रोहिदास और वरुण हैं। हमें उन पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें महत्वपूर्ण मैचों में 60 से 70 प्रतिशत पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना होगा। भारत अपने पूल में शीर्ष पर रहा था लेकिन वह क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड से 1-2 से हार गया था।