मीडिया की प्रशंसा और ग्लैमर के बीच आज विभिन्न खेलों के सर्वोच्च सितारों के पास पैसों की कमी नहीं है। उन्हें प्रशंसकों की तारीफ भी भरपूर मिल रही है। उन पर फिल्में भी बनाई जा रही है। ये इन खिलाड़ियों की किस्मत है कि उन्होंने इस दौर में जन्म लिया, जहां मीडिया ने उन्हें हर पल सिर आंखों पर बिठाया है। सूचना क्रांति के इस युग में ट्विटर-फेसबुक और इंस्टाग्राम में खिलाड़ियों के लाखों प्रशंसक है। मीडिया की चकाचौंध के बीच खिलाड़ियों के जीवन की हर अहम खबर सुर्खियों में रहती है। लेकिन इस देश में एक ऐसा खिलाड़ी भी रहा है जो अपने खेल में असाधारण प्रतिभा का धनी था परंतु उसे मीडिया की वाहवाही नहीं मिली। उसके जीवन में अकूत धन भी नहीं था। और तो और उसे सरकार का भी साथ नहीं मिला। जी हां हम बात कर रहे हैं हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की, जिसने हॉकी में देश का नाम ऐसा रोशन किया है जो कोई दूसरा खिलाड़ी अपने खेल में न कभी कर पाया था और न कभी कर पाएगा।
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ऐसी प्रतिभा के धनी ध्यानचंद को अपने जीवन के अंतिम पलों में आर्थिक संकट का सामना तक करना पड़ा। भारत रत्न देने के नाम पर उसके साथ छल किया गया। इसके अलावा पांच साल पहले ध्यानचंद पर फिल्म बनने के लिए वॉकवाटर प्रोडक्शंस ने एक मसौदा उनके बेटे अशोक कुमार के साथ तय किया था। पर यह फिल्म भी आज तक नहीं बन पाई है।
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सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, मैरी कॉम, पान सिंह तोमर, मिल्खा सिंह, अजहरुद्दीन जैसे खिलाड़ियों पर बायोपिक और फिल्में झटपट बन गई लेकिन ध्यानचंद पर अभी तक फिल्म नहीं बन पाई। कभी बजट तो कभी प्रोडक्शन हाउस के बदलने से फिल्म का आज तक निर्माण नहीं शुरू हो पाया है। ऑन लाइन मीडिया के मुताबिक अब ध्यानचंद पर फिल्म महेंद्र सिंह धोनी की कंपनी बनाएगी। देखना यह है कि धोनी कब तक यह फिल्म तैयार कर पाते हैं और उसमें ध्यानचंद के किरदार के साथ कितना न्याय कर पाते हैं।
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