भारतीय महिला हॉकी टीम को 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में शनिवार को ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 0-6 से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। इसके साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम को ब्रॉन्ज मेडल से भी हाथ धोना पड़ा। साथ ही अंक तालिका में महिला टीम चौथे स्थान पर रही। वहीं, भारतीय पुरुष हॉकी टीम को भी इंग्लैंड के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय महिला हॉकी टीम को पूरे मुकाबले में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम एक भी गोल नहीं कर पाई, जबकि इंग्लैंड की तरफ से 6 गोल दागे गए। दोनों टीमों के बीच पहले क्वार्टर का मुकाबला काफी टक्कर का रहा। पहले क्वार्टर का खेल 0-0 की बराबरी पर खत्म हुआ। वहीं, इंग्लैंड की तरफ से दूसरे, तीसरे और चौथे क्वार्टर में क्रमशः 1,1 और 4 गोल दागे गए। सोफी ग्रे ने इंग्लैंड के लिये तीन फील्ड गोल किये, जबकि लौरा उंसवर्थ, होली पीयर्न वेब और कप्तान अलेक्जेंड्रा डेनसन ने 1-1 गोल किया।
इसके अलावा भारतीय पुरुष हॉकी टीम और इंग्लैंड के बीच पहले क्वार्टर का मुकाबला काफी कठिन रहा। इंग्लैंड की टीम भारतीय टीम पर बहुत हावी रही। पहले क्वार्टर में इंग्लैंड की तरफ से पहला गोल साम वार्ड ने किया। इसके साथ ही इंग्लैंड भारतीय टीम पर 1-0 की बढ़त बनाई। दूसरे क्वार्टर में भारत की तरफ से वरुण कुमार ने 1 गोल दाग कर भारतीय टीम का स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दी।
इसके बाद तीसरे क्वार्टर का खेल दोनों टीमों के बीच बेहद रोमांचक रहा। इंग्लैंड की टीम ने भारतीय टीम पर दबाव बनाते हुए एक और गोल दाग कर स्कोर में 2-1 की बढ़त बनाई। वहीं, चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच का खेल 0-0 की बराबरी पर छूटा। हालांकि, इसके पहले ही इंग्लैंड भारतीय टीम पर 2-1 की बढ़त बनाकर मैच अपने हाथ में कर लिया और भारत को 2-1 से हराने में कामयाब रहा।