तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला। भारत की नवजोत को गोल करने का शानदार मौका मिला, लेकिन वह गेंद को जाली में भेदने में सफल नहीं हो सकीं। भारतीय खिलाड़ी को इस दौरान ग्रीन कार्ड मिला और उन्हें दो मिनट मैदान के बाहर जाना पड़ा। इसके साथ ही तीसरे क्वार्टर का खेल भी समाप्त हो गया और दोनों ही टीम एक-दूसरे के खिलाफ गोल नहीं कर सकी।
चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने हमले तेज कर दिए। इसका फायदा 47वें मिनट में टीम को मिला जब वंदना कटारिया के शानदार पास पर कप्तान रानी रामपाल ने गोलकीपर और डिफेंडर को छकाते हुए फील्ड गोल किया। यही मैच का निर्णायक गोल साबित हुआ और भारत ने सेमीफाइनल में जीत के साथ एंट्री की। मैच खत्म होने में जब 7 मिनट का समय बचा था तब भारतीय टीम की लालरेमसियामी को रेफरी ने येलो कार्ड दिखा दिया। इसकी वजह से खिलाड़ी को पांच मिनट के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा।
अंतिम 2 मिनट का मुकाबला काफी रोमांच रहा। ऐसा लग रहा थी कि दक्षिण अफ्रीकी टीम वापसी करेगी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा डिफेंस करते हुए उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।