1976 ओलंपिक में भारतीय टीम के सदस्य दिसंबर में अपने बेटे से मिलने अमेरिका में गए थे लेकिन कोविड-19 के यात्रा संबंधी कड़ी पाबंदियां हो गई। दीवान की बेटी आरुषी ने बताया कि मेडिकल जांच में पता चला कि उन्हें ह्रदय संबंधी समस्या हो गई है। डाक्टर ने उन्हें एक महीने की दवाई दी है लेकिन यह ज्यादा मदद नहीं कर रही। वह असहज महसूस कर रहे हैं। वह अपना मेडिकल इंश्योरेंस ले जाना भी भूल गए हैं। उनकी देखभाल के लिए अकेला भाई ही मौजूद है। दीवान की पत्नी सुनीता ने कहा कि हम बहुत परेशान हैं।
नई दिल्ली। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने पूर्व हॉकी ओलंपियन अशोक दीवान की मदद को आगे आया है। आईओए अध्यक्ष नरिंदर बत्रा से मदद की गुहार लगाए जाने के बाद भारतीय दूतावास ने जल्द दीवान से संपर्क करने का आश्वासन दिया है। इस बीच केंद्रीय खेल मंत्रालय भी पूर्व भारतीय गोलकीपर की मदद को आगे आया। मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि उन्हें मामले में पत्र मिला है कि और इसे विदेश मंत्रालय को भेजा गया है।