अगले साल होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी भारत से छिन सकती है। विश्व हॉकी की शीर्ष संस्था एफआईएच ने कहा है कि अगर भारत को अगले साल हॉकी विश्व कप की मेजबानी करनी है तो नए संविधान को अपनाना होगा और जल्द से जल्द चुनाव कराने होंगे। एफआईएच ने सीओए से यह बात कही है, जिसने अदालत ने नियुक्त किया है। इसके साथ ही चुनाव की समयसीमा तय करने की बात कही गई है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने सीओए को पत्र लिखकर कहा है कि नए संविधान का मसौदा तैयार करें और चुनाव कराएं। एफआईएच ने कहा है कि अगर संविधान को अपनाने और चुनाव कराने में देरी होती है तो अगले साल भुवनेश्वर और राउरकेला में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी खतरे में पड़ सकती है।
एफआईएच के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थियरी वील ने हॉकी इंडिया को पत्र लिखकर कहा है कि भारत में एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप की मेजबानी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय हॉकी में नए संविधान को अपनाने और चुनाव कराने की समयसीमा तय की जाए। वील ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि प्रशासकों की समीति (सीओए) उस पत्र का जवाब नहीं दे रही है, जो एफआईएच ने उसे 17 जुलाई को भेजा था। इस पत्र में भी इन मामलों पर जवाब मांगा गया था।