पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने खेल की वैश्विक नियामक संस्था एफआईएच को सूचित किया है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण उसके लिए अगले महीने होने वाले एशिया कप के लिए अपनी टीम को भारत भेजना मुश्किल होगा। पीएचएफ के प्रमुख तारिक बुगती ने कहा कि उन्होंने एफआईएच और एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) को पत्र लिखकर टीम को भारत भेजने को लेकर अपने फैसले से अवगत करा दिया है।
उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें सूचित किया है कि मौजूदा परिदृश्य में हमारी टीम को भारत में खेलते समय सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ सकता है। हमने उन्हें बता दिया है कि हमारे खिलाड़ी एशिया कप के लिए भारत जाने के इच्छुक नहीं हैं।' एशिया कप विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट भी है। पीएचएफ प्रमुख ने कहा कि अब इस प्रतियोगिता और पाकिस्तान के मैचों के बारे में निर्णय लेने की जिम्मेदारी एफआईएच और एएचएफ पर है।
उन्होंने कहा, 'हमने उनसे पूछा है कि हमें बताएं कि क्या गारंटी है कि हमारे खिलाड़ी भारत में सुरक्षित रहेंगे और टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।' पाकिस्तान सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन हाल ही में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि टीम भारत नहीं जाएगी।
27 अगस्त से शुरू होगा एशिया कप
इससे पहले भारतीय खेल मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया था कि वह पाकिस्तान हॉकी टीम को अगले महीने भारत में होने वाले एशिया कप में शामिल होने से नहीं रोकेंगे। खेल मंत्रालय के सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से बताया कि वे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी टीम के शामिल होने के विरुद्ध नहीं हैं। हॉकी एशिया कप का आयोजन 27 अगस्त से सात सितंबर तक बिहार के राजगीर में होना है।
खेल मंत्रालय के सूत्र ने कहा, 'हम भारत में होने वाले बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी टीम के शामिल होने खिलाफ नहीं हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज अलग बात है। अंतरराष्ट्रीय खेल की मांग होती है कि हम किसी को टूर्नामेंट से बाहर नहीं कर सकते। रूस और यूक्रेन के बीच जंग चल रही है, लेकिन वे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलते हैं।'