फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला हॉकी विश्वकप: अर्जेंटीना की टीम बनी चैंपियन, नौ बार की चैंपियन नीदरलैंड को शूटआउट में हराया

Sun, 30 Aug 2026 08:49 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्सटेलवीन

सार

अर्जेंटीना ने महिला हॉकी विश्व कप के फाइनल में सह-मेजबान नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर तीसरी बार खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने पिछली विश्व कप हार का बदला भी चुकता किया। नीदरलैंड का लगातार चौथी बार चैंपियन बनने और रिकॉर्ड 10वां खिताब जीतने का सपना टूट गया।
विज्ञापन
ट्रॉफी के साथ अर्जेंटीना की टीम - फोटो : IHF Twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अर्जेंटीना ने शनिवार को रोमांचक फाइनल में सह-मेजबान नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर महिला हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित समय में दोनों टीमें 1-1 से बराबर रहीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला शूटआउट से हुआ। अर्जेंटीना ने शूटआउट में संयम दिखाते हुए बाजी मार ली और तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

विज्ञापन


अर्जेंटीना की ओर से विक्टोरिया ग्रानाटो, ब्रिसा ब्रगेसेर और सोफिया काइरो ने गोल किए। वहीं डियाज जो का प्रयास अमान्य करार दिया गया। नीदरलैंड के लिए केवल वीन मारिन गोल कर सकीं, जबकि पियेन सैंडर्स, फेलिस अलबर्स और मोएस फ्रीके अपने प्रयासों को गोल में नहीं बदल सकीं।

पिछली हार का चुकाया बदला
इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने पिछली बार की हार का हिसाब भी बराबर कर लिया। पिछले विश्व कप में नीदरलैंड ने अर्जेंटीना को 3-1 से हराकर खिताब जीता था। खास बात यह है कि अर्जेंटीना ने इससे पहले 2002 और 2010 में भी नीदरलैंड को हराकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की थी। नौ बार की विश्व चैंपियन नीदरलैंड के पास रिकॉर्ड 10वां खिताब जीतने का मौका था, लेकिन अर्जेंटीना ने उसके अभियान पर विराम लगा दिया। लगातार चौथी बार विश्व कप जीतने का डच टीम का सपना भी टूट गया।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

जीत के बाद अर्जेंटीना की टीम - फोटो : IHF Twitter
यिब्बी के गोल से नीदरलैंड आगे
वेगनेर स्टेडियम में नारंगी रंग से सराबोर दर्शकों के सामने नीदरलैंड ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। शुरुआती 15 मिनट में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में नीदरलैंड को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। दुनिया की नंबर एक ड्रैग-फ्लिकर मानी जाने वाली यिब्बी यानसेन ने शानदार ड्रैग फ्लिक लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह टूर्नामेंट में उनका आठवां गोल था और नीदरलैंड ने 1-0 की बढ़त बना ली।

कप्तान ग्रानाटो ने दिलाई बराबरी
ब्रेक के बाद अर्जेंटीना ने लगातार दबाव बढ़ाया। उसे कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन नीदरलैंड की अनुभवी गोलकीपर एन्ने वीनेंनडाल ने शानदार बचाव करते हुए अर्जेंटीना को बराबरी करने से रोके रखा। अर्जेंटीना ने हमले जारी रखे और मैच के 54वें मिनट में आखिरकार उसे सफलता मिली। गोरजेलानी की फ्लिक को रोकने की कोशिश में डच गोलकीपर फिसल गईं और गोल के पास मौजूद कप्तान मारिया ग्रानाटो ने रिबाउंड पर गेंद को गोल में डाल दिया। स्कोर 1-1 हो गया।

शूटआउट में डच खिलाड़ियों पर दबाव
इसके बाद दोनों टीमों ने निर्णायक बढ़त हासिल करने की कोशिश की, लेकिन कोई गोल नहीं हुआ। मुकाबला शूटआउट में पहुंचा, जहां अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। नीदरलैंड की ओर से सिर्फ वीन मारिन सफल रहीं। इसके बाद अर्जेंटीना के गोल और डच खिलाड़ियों के चूके प्रयासों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। अंततः अर्जेंटीना ने 3-1 से शूटआउट जीतकर तीसरी बार विश्व कप ट्रॉफी उठा ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें