हीरो चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी जंग में भारत ने शानदार खेल जरुर दिखाया लेकिन उसे मजबूत ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पेनाल्टी शूटआउट तक खींचे मुकाबले में भारत की ओर से सिर्फ एक खिलाड़ी ही गोल कर सका जिससे उससे हार मिली।
लंदन में हुए मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के साथ मुकाबले में पेनाल्टी शूटआउट में हरमनप्रीत सिंह ही गोल कर सके जबकि स्टार खिलाड़ी एसके उथप्पा, एसवी सुनील और सुरिंदर कुमार गोल करने के मौके को भुना नहीं सके। इस हार के साथ ही भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
दोनों टीमों के लिए अंतिम 4 मौकों में बढ़त बनाने का मौका था जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 3-1 की बढ़त बना ली। हालांकि इससे पहले 36वें हीरो हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मैच के अंतिम समय में एक समय असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।
मैच के फुलटाइम में दोनों देशों की ओर से एक भी गोल नहीं किया जा सका जिसके बाद शूटआउट का मौका मिला। शूटआउट में जहां ऑस्ट्रेलिया की ओर से 3 गोल किए गए वहीं भारत की ओर से सिर्फ 1 गोल ही किया जा सका।
लेकिन शूटआउट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के दूसरे प्रयास में फाउल की शिकायत की गई जिस पर थर्ड अंपायर की ओर से रिटेक का मौका दिया गया जिस पर हॉकी इंडिया की ओर से शिकायत भी दर्ज कराई गई जिसके बाद निर्णय आने तक के लिए परिणाम को रोक दिया गया है।
मैच खत्म होने के बाद मेडल सेरेमनी होनी थी लेकिन भारत की ओर से की गई शिकायत के बाद परिणाम रोक दिया गया। बाद में मैच का फैसला कंगारू टीम के पक्ष में कर दिया गया।
फोटो हॉकी इंडिया से साभार
बता दें भारत अपने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए ब्रिटेन का शुक्रगुजार होना चाहिए जिसने बेल्जियम के खिलाफ दो गोल करके मुकाबला 3-3 से ड्रॉ करवा दिया। टीम इंडिया बृहस्पतिवार को अपने आखिरी नॉकआउड मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से 2-4 से हार गई थी।
ब्रिटेन और बेल्जियम का मैच ड्रा होने से दोनों टीमें अंक के मामले में भारत से पीछे रह गईं, भारत सात अंक लेकर खिताबी मुकाबले में पहुंच गया। वहीं अमेरिका 13 अंक लेकर शीर्ष पर है। ब्रिटेन के छह और बेल्जियम के चार अंक रहे ।
Published By Rahul Sankrityayan