भारतीय हैवीवेट मुक्केबाज नूपुर श्योराण ने सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत का पहला पदक पक्का कर लिया है। नूपुर ने महिला 80 किलो ग्राम से अधिक वर्ग में उजबेकिस्तान की ओल्टीनॉय सोतिमबोएवा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दिग्गज मुक्केबाज हवा सिंह की पौत्री नूपुर ने सोतिमबोएवा को 4-1 से हराया। कुछ माह पूर्व विश्वकप का स्वर्ण पदक जीतने वाली 26 वर्षीय नूपुर को इस टूर्नामेंट में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था। नूपुर अपने दादा हवा सिंह की तरह हेवीवेट वर्ग में ही खेलती हैं।
तीसरे दौर में जड़े नजदीकी पंच
विश्व चैंपियनशिप में प्लस 80 भारवर्ग में सिर्फ 10 मुक्केबाज ही शिरकत कर रहे हैं, क्योंकि यह भारवर्ग ओलंपिक में शामिल नहीं है। बावजूद इसके नूपुर की उपलब्धि कम नहीं है। उज्बेकिस्तानी मुक्केबाज काफी मजबूत मानी जा रही थीं। उन्होंने नूपुर को कड़ी टक्कर भी दी, लेकिन पिछली विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में नजदीकी हार नूपुर के दिमाग घूम रही थी। नूपुर को 2023 में 2-3 से हार मिली थी। हालांकि प्रशिक्षकों और नूपुर का मानना था कि वह यह बाउट जीती हुई थीं। नूपुर को तीसरे दौर में सोतिमबोएवा की ओर से लगातार पकड़े जाने का लाभ मिला। ओल्टीनॉय का इस कारण एक अंक भी कटा। नूपुर ने नजदीक से अच्छे पंच भी जड़े।
जादुमणि-अभिनाश क्वार्टर फाइनल में
नूपुर इस जीत के साथ ही कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। इस वर्ग में सिर्फ 10 मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। मंगलवार रात जादुमणि सिंह (48 किग्रा) और अभिनाश जामवाल (65 किग्रा) ने आसान जीत के साथ पुरुष क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। हालांकि जुगनू अहलावत (85 किग्रा) का अभियान स्कॉटलैंड के रॉबर्ट मैकनल्टी के खिलाफ पहले दौर में हार के साथ समाप्त हो गया।