हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े की भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनाकर 72 साल बाद चैंपियनशिप की मिश्रित युगल स्पर्धा में भारत का पहला पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी ने रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के पार्क गांगह्योन और ली डेउन की जोड़ी को 3-2 (11-6, 8-11, 8-11, 11-9, 11-9) से हराया। इस जीत के साथ भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया।
सेमीफाइनल में किससे होगा सामना?
सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना जापान के मिवा हारिमोटो और सोरा मात्सुशिमा से होगा। पांच गेम तक चले इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने विपरीत परिस्थितियों से उबरने और अहम मौकों पर धैर्य और एकाग्रता का शानदार मिश्रण दिखाया। हरमीत और यशस्विनी ने पहले दौर में बाई मिलने के बाद अगले मुकाबलों में चीनी ताइपे को 3-1 और इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
आखिरी बार कब जीता था पदक
यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस के लिए ऐतिहासिक है। एशियाई चैंपियनशिप की मिश्रित युगल स्पर्धा में भारत ने इससे पहले 1952 में पदक जीता था। यह स्वर्ण पदक गोलू नासिकवाला और कल्याण जायंत की जोड़ी ने हासिल किया था। इसके दो साल बाद 1954 में यतिन व्यास और मीना परांडे ने रजत पदक जीता था।