एशियन गेम्स 2026 में रविवार को भारत के लिए महिलाओं और पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा में मिले-जुले नतीजे रहे। हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता, जबकि अनिमेष कुजूर पुरुषों की 200 मीटर में पांचवें स्थान पर रहे। हरिता ने 23.20 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने जापान की धाविका को महज 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। सिंगापुर की वेरोनिका शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की चेन युजी 22.93 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
2018 के बाद भारत को मिला महिला 200 मीटर में पदक
हरिता का कांस्य पदक एशियन गेम्स की महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा में भारत के लिए लंबे इंतजार को खत्म करने वाला रहा। भारत ने इस स्पर्धा में पिछली बार 2018 एशियन गेम्स में दुती चंद के कांस्य पदक के रूप में पदक जीता था। 23 वर्षीय हरिता एशियन गेम्स में 200 मीटर पदक जीतने वाली भारत की केवल छठी महिला बनीं। महाराष्ट्र की इस धाविका ने एशियन गेम्स से पहले 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 23.14 सेकंड का समय निकालकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और राष्ट्रीय खिताब जीता था। एशियन गेम्स में उनका समय उस रिकॉर्ड से केवल 0.06 सेकंड अधिक रहा। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। दौड़ खत्म होने के बाद बोलैंड ने हरिता को गले लगाकर उनकी उपलब्धि की बधाई दी।
पुरुषों की 200 मीटर में अनिमेष पांचवें
पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में भारत के अनिमेष कुजूर 20.80 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। हीट्स में शानदार प्रदर्शन के बाद फाइनल में पहुंचे अनिमेष पदक के लिए जरूरी रफ्तार हासिल नहीं कर सके। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 19.88 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ 100 मीटर-200 मीटर स्प्रिंट डबल पूरा किया और एशियाई रिकॉर्ड की बराबरी की। इससे पहले उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड में गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया था। अनिमेष इससे पहले एशियन गेम्स में 100 मीटर के सेमीफाइनल में भी पहुंचे थे। वहीं, हरिता ने अपने पहले एशियन गेम्स में ही कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए 200 मीटर में एक अहम उपलब्धि हासिल की।