भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी गुरबाज सिंह जो 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके है, पर हॉकी इंडिया ने 9 माह के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
गुरबाज को टीम के अंदर गलत व्यवहार रखने और टीम की छवि को नुकसान पहुंचाने का दोषी माना गया।
दरअसल, गुरबाज पर लगे आरोप नए नहीं है। सबसे पहले उन पर 2012 लंदन ओलपिंक के दौरान टीम के तत्कालीन कोच माइकल नोब्स के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा था।
इतना ही नहीं पिछले माह हॉकी वर्ल्ड कप लीग के सेमीफाइनल में भी गुरबाज गलत व्यवहार और अभ्रद भाषा के प्रयोग में दोषी पाए गए थे।
स्पेशल हॉकी इंडिया कमेटी के अध्यक्ष हरबिंदर सिंह ने टीम के कोच और मैनेजर की शिकायतों को आधार बनाकर गुरबाज के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की और एक्शन लिया।
उनके मुताबिक, गुरबाज का व्यवहार टीम साथियों के अलावा कोच और मैनेजर के साथ भी ठीक नहीं है। इसलिए अनुशासनहीनता के चलते गुरबाज पर कार्रवाई किया जाना जरुरी था। गुरबाज पर टीम में गुटबाजी करने का भी आरोप है।