इस साल खराब फॉर्म से जूझ रहे विश्व चैंपियन डी गुकेश के पास जीत के साथ सत्र का अंत करने का सुनहरा अवसर है। वहीं कोनेरू हम्पी सितारों से सजी विश्व रैपिड और ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में अपने खिताब की रक्षा करने उतरेंगी।
दिग्गजों से सजा आखिरी टूर्नामेंट
सत्र के आखिरी टूर्नामेंट में पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन, अमेरिका के फेबियानो कारूआना और वेसली सो, रूस के ग्रैंडमास्टर इयान नेपोम्नियाश्ची के साथ भारत के आर. प्रज्ञानंदा, अर्जुन एरिगैसी और निहाल सरीन भी ओपन वर्ग में हिस्सा लेंगे। दो साल पहले डिंग लिरेन को हराकर विश्व खिताब जीतने वाले डी गुकेश इस साल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। टाटा स्टील टूर्नामेंट में उन्हें हमवतन आर. प्रज्ञानंदा से हार का सामना करना पड़ा था। अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले यह टूर्नामेंट गुकेश के लिए खोया हुआ आत्मविश्वास दोबारा हासिल करने का अंतिम बड़ा अवसर माना जा रहा है।
एरिगेसी भी फॉर्म में वापसी की कोशिश में
22 वर्षीय अर्जुन एरिगेसी गोवा में फिडे विश्व कप के जरिए कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद इस प्रतियोगिता में मजबूत वापसी करने की कोशिश करेंगे। शतरंज में भारत का दबदबा इस बात से साफ झलकता है कि रैपिड और ब्लिट्ज ओपन वर्ग में भारत के रिकॉर्ड 29 खिलाड़ी और महिला वर्ग में 13 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। दो बार की रैपिड चैंपियन और महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख भी खिताबी दौड़ में शामिल होंगी। ओपन वर्ग में रैपिड स्पर्धा के 13 दौर जबकि महिला वर्ग में 11 दौर खेले जाएंगे। इसमें 15 मिनट का समय नियंत्रण होगा और हर चाल पर 10 सेकंड की वृद्धि दी जाएगी।
ब्लिट्ज स्पर्धा का फॉर्मेट
ब्लिट्ज वर्ग में स्विस प्रारूप के तहत ओपन में 19 और महिला वर्ग में 15 दौर होंगे। इसके बाद शीर्ष चार खिलाड़ी चार गेम के नॉकआउट मुकाबलों में प्रवेश करेंगे।