पिछले सात महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों ने कंपनी के मालिक विजय माल्या को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में एयरलाइंस मैनेजमेंट ने 24 घंटे के भीतर एक महीने का वेतन देने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन कर्मचारियों का एक वर्ग इस पर तैयार नहीं है। गुस्साए कर्मचारी 26 अक्टूबर को शुरू हो रही इंडियान ग्रांड प्री फार्मूला-1 रेस में विजय माल्या के खिलाफ प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।
ग्रेटर नोएडा में शुरू होने जा रही फॉर्मूला-1 रेस में सहारा फोर्स वन टीम के भाग लेने की उम्मीद है। इस टीम को माल्या ने एक डच कारोबारी के साथ मिलकर वर्ष 2007 में 630 करोड़ रुपये में खरीदा था। अभी माल्या के पास इसकी 42 फीसदी हिस्सा है। हड़ताल पर गए किंगफिशर एयरलाइंस के इंजीनियरों के एक प्रतिनिधि का कहना है कि कई कोशिशों के बाजवूद विजय माल्या ने उनसे मिलना भी जरूरी नहीं समझा, लेकिन वे फार्मूला-1 रेस जैसे कार्यक्रमों में मौजूद रहते हैं, इसलिए अब उनके खिलाफ वहीं धरना दिया जाएगा। इसके अलावा अब कोई चारा नहीं बचा है।
मुंबई में हुई बैठक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कंपनी अगले 24 घंटे के अंदर एक महीने का वेतन देने को तैयार है, जबकि दूसरे महीने का वेतन एक हफ्ते के भीतर और दीपावली से पहले तीन महीने का वेतन देने की बात कही है। कंपनी के इस प्रस्ताव को कर्मचारी बहुत गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी पहले भी ऐसे दावे करती रही है। वे बकाया वेतन में से आधा भुगतान लिए बगैर काम पर आने को तैयार नहीं हैं।
उधर, डीजीसीए की ओर से किंगफिशर का फ्लाइंग परमिट संस्पेंड किए जाने के बाद इसकी मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं। बताया जाता है कि लीज पर लिए गए इसके 15 विमानों में कई जरूरी उपकरण गायब हैं, जिसके चलते इनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 300 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने भी सख्त रवैया अपना लिया है।