2008 में फोर्स इंडिया के रूप में पहली बार कोई भारतीय रेसिंग टीम एफ-1 ट्रैक पर दौड़ती नजर आई। फोर्स इंडिया के फार्मूला वन ट्रैक पर उतरने से उन करोड़ों भारतीयों का सपना साकार हुआ, जो अभी तक सिर्फ विदेशी टीमों और ड्राइवरों को ही देख कर खुश हुआ करते थे। फोर्स इंडिया का पुराना नाम स्पाइकर था लेकिन इसके मालिक विजय माल्या ने टीम का नाम बदल दिया। फोर्स इंडिया की कार तिरंगे के रंग में रंगी होती है जो एफ-1 सर्किट में भारत के बढ़ते रुतबे को दर्शाता है।
(सहारा फोर्स इंडिया)
03 : ड्राइवर अभी फोर्स इंडिया टीम के पास हैं।
रेस ड्राइवर :
पॉल डी रेस्टा (अमेरिका)
कैरियर प्वाइंट : 71
2010 : में सहारा फोर्स इंडिया से जुड़े।
निको हल्केनबर्ग (जर्मनी)
कैरियर प्वाइंट : 71
2011 : में सहारा फोर्स इंडिया से बतौर रिजर्व ड्राइवर जुड़े।
टेस्ट ड्राइवर :
जूल्स बियांची (फ्रांस)
2012 : सत्र के लिए बतौर टेस्ट ड्राइवर टीम से जुड़े।
लेकिन जीत का इंतजार अभी बाकी
2008 में आस्ट्रेलियन ग्रां प्री के साथ आगाज करने वाली सहारा फोर्स इंडिया टीम को अभी भी एक जीत का इंतजार है। 89 रेस में भाग लेने के बावजूद टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर सकी है। यहां तक की पहले अंक के लिए टीम को 29 रेस का इंतजार करना पड़ा। इस सीजन टीम अभी 89 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है जबकि 2011 में छठवें स्थान पर रही थी।
बुद्ध इंटरनेशनल में छाए सुटिल
2011 में भारत में पहली बार फार्मूला वन रेस का आयोजन हुआ। कार रेसिंग के शौकीनों के लिए यहां फोर्स इंडिया को देखना अद्भुत अनुभव रहा। फोर्स इंडिया के ड्राइवर एंड्रियन सुटिल ने भारतीय दर्शकों को निराश नहीं किया। सुटिल ने टॉप दस ड्राइवरों में जगह बनाई और नौवें स्थान पर रहे।
नंबर गेम
2007 : में स्पाइकर एफ-1 टीम का नाम बदलकर फोर्स इंडिया रखा गया।
90 : मिलियन यूरो में फोर्स इंडिया टीम को विजय माल्या और मिचेल मोल ने खरीदा।
29 : रेसों के बाद फोर्स इंडिया को गियानकार्लो फिशिचेला ने पहला अंक दिलाया था।
2011 : में सहारा इंडिया परिवार ने फोर्स इंडिया के 42.5 फीसदी शेयर खरीद लिए।
100 : मिलियन डॉलर में सहारा इंडिया परिवार ने फोर्स इंडिया के शेयर खरीदे।