फीफा विश्व कप में लूट का शिकार होने वाली महिला रिपोर्टर
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फीफा विश्व कप की मेजबानी को लेकर कतर लगातार चर्चा में बना हुआ है। यहां के नियम कानून से लेकर संस्कृति तक सब कुछ चर्चा का विषय है। कतर में फैंस के लिए शराब पीने से लेकर छोटे कपड़े पहनने, समलैंगिक लोगों और गैर शादी शुदा जोड़ों के लिए अगल गाइडलाइन जारी की गई है। इस बीच एक महिला रिपोर्टर के साथ लूट की घटना ने यहां की पुलिस के काम करने के अलग तरीके को भी सभी के सामने रखा है।
अर्जेंटीना की महिला रिपोर्टर फीफा विश्व कप के पहले दिन ही लूट का शिकार हो गई। इसके बाव पुलिस के पास पहुंची और अपने साथ हुई घटना के बारे में बताय। इसके जवाब में पुलिसकर्मी ने कहा कि पूरे शहर में सुरक्षा के लिहाज से कैमरे लगे हुए हैं और जल्द ही पुलिस लुटेरे की पहचान कर उसे पकड़ लेगी। इसके बाद पुलिसकर्मी ने जो कहा वह सुनकर महिला हैरान रह गई।
पुलिस ने महिला से पूछा कि जब वह पकड़ा जाता है तो आप उसे क्या सजा देना चाहेंगी। यह सवाल अर्जेंटीना की महिला के लिए काफी चौकाने वाला था। क्योंकि, दुनिया के अधिकतर देशों में चोरी और लूट जैसे अपराध के लिए तय सजा होती है, लेकिन कतर में पुलिसकर्मी पीड़ित महिला से ही अपराधी की सजा तय करने की बात कह रहा था।
महिला ने बताया "मैं पुलिस स्टेशन गई और तभी सांस्कृतिक अंतर सामने आया। पुलिसवाले ने मुझसे कहा: 'हमारे पास हर जगह हाई-टेक कैमरे हैं और हम चेहरे की पहचान के साथ उसे (चोर) का पता लगाने लेंगे। जब हम उसे ढूंढ लेते हैं तो आप क्या चाहती हैं कि सिस्टम उनके साथ क्या करे?"
उन्होंने कहा, "आप क्या न्याय चाहती हैं? हम उसे क्या सजा दें? क्या आप चाहती हैं कि उसे पांच साल जेल की सजा मिले? या आप चाहती हैं कि उसे बाहर भेज दिया जाए?"
फीफा विश्व कप में इससे पहले डेनमार्क के पत्रकार को कुछ लोगों ने वीडियो बनाने से रोक दिया था। हालांकि, बाद में कतर ने इस मामले में माफी भी मांगी थी।