फीफा विश्वकप 2026 में स्वीडन और ट्यूनीशिया के बीच खेले गए मुकाबले में यासिन अयारी ने ऐसा गोल किया, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। 22 वर्षीय मिडफील्डर ने मैच के सातवें मिनट में बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया। यह टूर्नामेंट के अब तक के सबसे शानदार गोलों में से एक माना जा रहा है।
हालांकि, गोल से ज्यादा चर्चा अयारी की प्रतिक्रिया की हो रही है। गोल करने के बाद उन्होंने न तो दौड़ लगाई, न कोई खास सेलिब्रेशन किया और न ही दर्शकों के सामने खुशी जताई। उन्होंने सिर्फ दोनों हाथ ऊपर उठाए और शांत खड़े रहे, जबकि उनके साथी खिलाड़ी उन्हें बधाई देने पहुंच गए।
ट्यूनीशिया से है खास रिश्ता
अयारी का यह फैसला अचानक नहीं था। स्वीडन के लिए खेलने वाले इस मिडफील्डर का ट्यूनीशिया से गहरा पारिवारिक संबंध है। उनका जन्म स्वीडन के सोलना शहर में हुआ, लेकिन उनके पिता ट्यूनीशिया से हैं। उनकी मां मोरक्को मूल की हैं। इसी वजह से अयारी के पास ट्यूनीशिया का प्रतिनिधित्व करने का भी विकल्प था। हालांकि उन्होंने स्वीडन की युवा टीमों से खेलते हुए आगे बढ़ने का फैसला किया और 2023 में सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया।
सम्मान दिखाने के लिए नहीं मनाया जश्न
फुटबॉल में अक्सर खिलाड़ी अपने पूर्व क्लब या अपने करीबी संबंध रखने वाली टीम के खिलाफ गोल करने पर जश्न नहीं मनाते। अयारी ने भी कुछ ऐसा ही किया। ट्यूनीशिया उनकी पारिवारिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसी सम्मान को दिखाने के लिए उन्होंने संयमित प्रतिक्रिया दी। उनका यह व्यवहार सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है। कई प्रशंसकों ने इसे खेल भावना और अपने मूल से जुड़े रहने का बेहतरीन उदाहरण बताया।
स्वीडन ने दर्ज की बड़ी जीत
अयारी के गोल से मिली शुरुआती बढ़त के बाद स्वीडन ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। अलेक्जेंडर इसाक ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। हालांकि ट्यूनीशिया ने उमर रेकीक के गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन अंततः स्वीडन ने मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया। फिर भी इस मैच का सबसे यादगार पल अयारी का शानदार गोल और उसके बाद का भावनात्मक, सम्मानजनक सेलिब्रेशन ही रहा। फुटबॉल फैंस इसे विश्वकप 2026 के अब तक के सबसे खास पलों में से एक मान रहे हैं।