फीफा प्रमुख जियानी इनफैनटिनो ने माना है कि वर्ल्ड कप को निजी निवेशेकों को बेचने की कोशिश में गलतियां हुईं और उन्होंने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी है। हालांकि, मोरक्को में हुई संकटकालीन बैठक के दौरान सीनियर अधिकारियों ने इनफैनटिनो के फीफा प्रमुख बने रहने का समर्थन किया।
इनफैनटिनो को 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' (एफएफई) बनाने की अपनी योजना वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह कंपनी फीफा के टूर्नामेंट्स के कमर्शियल और ऑपरेशनल पहलुओं को चलाने के लिए बनाई जानी थी। यूईएफए, कॉनकाकैफ, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कई राष्ट्रीय संघों के साथ-साथ फीफा के अंदर से भी इस योजना का भारी विरोध हुआ था। इसके साथ ही फीफा के अंदर भी इस योजना की काफी आलोचना हुई।
इनफैनटिनो
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बैठक में मौजूद सेक्रेटरी जनरल मैटियास ग्राफस्ट्रॉम ने फीफा स्टाफ को भेजे एक आंतरिक ज्ञापन में लिखा कि यह स्थिति घटनाओं की एक दुखद और निंदनीय सीरीज है। लगातार बढ़ती आलोचना के बाद, इनफैनटिनो ने फुटबॉल की वर्ल्ड गवर्निंग बॉडी के सीनियर लीडर्स से रबात में होने वाली संकटकालीन बैठक में शामिल होने को कहा है।
हालांकि, मीटिंग के बाद एक बयान में फीफा सेक्रेटरी जनरल और वहां मौजूद फीफा मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्यों ने फीफा प्रमुख इनफैनटिनो के लिए अपना पूरा सपोर्ट दिखाया। इनफैनटिनो 211 फीफा मेंबर एसोसिएशन द्वारा चुने गए एकमात्र अधिकारी हैं। फीफा के बयान में कहा गया, 'इसके बदले फीफा अध्यक्ष ने कहा कि वो अपने विजन यानी अपने प्लान को पूरा करने के लिए फीफा के महासचिव और फीफा प्रशासन की टीम के साथ हैं। उन्होंने उनके मेहनती और शानदार काम की तारीफ की और पूरा सपोर्ट देने की बात दोहराई।'
इनफैनटिनो और ट्रंप
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फीफा ने कहा कि संकटकालीन बैठक में फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई) प्रपोजल पर भी बात हुई, जिसमें हुईं गलतियों को माना गया। इस बात पर सहमति बनी कि फीफा काउंसिल और फीफा मेंबर एसोसिएशन का मकसद यह महसूस करना नहीं था कि उन्हें प्रोसेस से बाहर रखा गया है और प्रोसेस को अलग तरीके से हैंडल किया जाना चाहिए था। यह भी माना गया कि प्रपोजल के मीडिया में लीक होने के बाद भी गलतियां हुईं।
इन गलतियों के लिए फीफा काउंसिल और फीफा के सभी मेंबर देशों से एक अलग चिट्ठी में माफी मांगी गई थी। इसके साथ ही ये वादा भी किया गया कि आगे से ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। फीफा ने कहा, 'अब एक रिव्यू किया जाएगा, और फीफा काउंसिल की अगली तय बैठक में एक रिपोर्ट पेश की जाएगी।'
हालांकि, बयान में यह भी कहा गया कि प्रोजेक्ट वापस लेने के साथ, यह सहमति बनी है कि फीफा अब अपनी ईमानदारी, अच्छे शासन और सही प्रोसेस पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने नाम और प्रतिष्ठा को बचाने और सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। इसमें कहा गया, 'हमेशा सीखने के लिए सबक होते हैं, और फीफा इस अनुभव को देखते हुए अपने प्रोसेस में सुधार करता रहेगा। हालांकि, इस मामले में यह जोर देना जरूरी है कि गलतियां हुईं, लेकिन जो कुछ भी किया गया वह फीफा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के पूरी तरह से पालन में किया गया।'