अर्जेंटीना की टीम को मेसी के रहते अलग-अलग टूर्नामेंट्स के चार फाइनल में जूझना पड़ा। इनमें 2007, 2015, 2016 में कोपा अमेरिका और 2014 में फीफा विश्व कप फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन सालों में दो बातें समान रहीं। वह यह थी कि मेसी की अर्जेंटीना टीम किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल तक तो पहुंची, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई। वहीं, दूसरा यह कि इन सभी फाइनल्स में गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज टीम में नहीं थे। 2021 में उन्हें अर्जेंटीना के लिए डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने मेसी की तकदीर बदल दी।
मेसी और मार्टिनेज
2010 में मार्टिनेज ने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने तब इंग्लिश फुटबॉल क्लब आर्सेनल जॉइन किया था। हालांकि, वह इस टीम में हमेशा रिजर्व गोलकीपर के तौर पर ही रहे। उन्हें 10 साल तक बेंच पर बैठाया गया। पहली बार उन्हें 2020 में आर्सेनल के लिए खेलने का मौका मिला। मैच था एफए कप फाइनल, जो कि आर्सेनल और चेल्सी के बीच खेला गया। नियमित गोलकीपर बर्न्ड लीनो के चोटिल होने पर मार्टिनेज को खेलने का मौका मिला और उन्होंने आर्सेनल को एफए कप चैंपियन बना दिया। यह मैच आर्सेनल ने 2-1 से अपने नाम किया था।
एमिलियानो मार्टिनेज
इस प्रदर्शन के बाद भी उन्हें करीब एक साल तक अर्जेंटीना के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। 2018 में रूस में हुए फीफा वर्ल्ड कप में एमिलियानो मार्टिनेज बतौर दर्शक अर्जेंटीना के मैच देखने के लिए पहुंचे थे। उनकी यह तस्वीर खूब वायरल हो रही है। तीन जून 2021 को चिली के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन मैच में मार्टिनेज पहली बार अर्जेंटीना के लिए खेलने के लिए मैदान में उतरे और कुछ ही दिनों में वह अर्जेंटीना के लिए हीरो बन गए।
2018 वर्ल्ड कप फैन के तौर पर मार्टिनेज अर्जेंटीना का मैच देखने पहुंचे थे
कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में मार्टिनेज ने अपने दम पर टीम को जीत दिलाई। वह विपक्षी टीम के सामने मजबूत दीवार बनकर खड़े हो गए, जिसे ब्राजील के स्टार नेमार, कोलंबिया के जेम्स रॉड्रिगेज से लेकर विडाल तक नहीं भेद पाए। कोपा अमेरिका 2021 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और मार्टिनेज के सामने कोलंबिया की चुनौती थी। यह मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा था। अर्जेंटीना की टीम पूरी तरह से मार्टिनेज पर निर्भर थी और उन्होंने निराश नहीं किया।
कोलंबिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मार्टिनेज ने तीन सेव्स किए। पूरे टूर्नामेंट को मिलाकर मार्टिनेज ने चार पेनल्टी बचाए थे, साथ ही चार काउंटर अटैक पर भी सेव किए थे। इसमें से एक ब्राजील के खिलाफ कोपा अमेरिका के फाइनल में सेव भी शामिल है। ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ फाइनल में थोड़ी सी भी चूक अर्जेंटीना के सपने को चकनाचूर कर सकती थी, लेकिन 'दीवार' मार्टिनेज ने ऐसा होने नहीं दिया।
एंजेल डी मारिया के गोल पर अर्जेंटीना ने 1993 से चले आ रहे कोपा अमेरिका के सूखे खत्म किया। मार्टिनेज के दम पर मेसी ने पहली बार कोपा अमेरिका का खिताब जीता। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें उस टूर्नामेंट में गोल्डन ग्लव का अवॉर्ड भी दिया गया। मार्टिनेज यह अवॉर्ड जीतने वाले अर्जेंटीना के पहले गोलकीपर बन गए। साथ ही उन्होंने मेसी का भरोसा भी जीत लिया। कोपा अमेरिका जीतने के बाद मार्टिनेज से जब मेसी के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था- मैं अपनी जिंदगी मेसी के लिए कुर्बान करना चाहता हूं। मैं मेसी के लिए जान भी दे सकता हूं। मैं उनके लिए कई ट्रॉफी जीतना चाहता हूं।
अब उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में वही कमाल दिखाया है। सऊदी अरब के खिलाफ ग्रुप स्टेज में दो गोल खाने के बाद अर्जेंटीना की टीम पर विश्व कप से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि, इसके बाद अर्जेंटीना ने कोई गलती नहीं की। ग्रुप स्टेज में ही अर्जेंटीना ने क्लीन शीट रखा यानी कोई गोल नहीं होने दिया। मैक्सिको और पोलैंड को अर्जेंटीना ने 2-0 के अंतर से हराया। दोनों मैचों में मार्टिनेज ने कोई गोल नहीं होने दिया।
राउंड ऑफ-16 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत हासिल की। फॉरवर्ड में मेसी और गोलपोस्ट पर मार्टिनेज की जुगलबंदी ने कमाल कर दिया। क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ फुल टाइम और एक्स्ट्रा टाइम तक स्कोर 2-2 से बराबर रहने के बाद मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा। मार्टिनेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड का एक गोल रोक लिया। यह मैच अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीता।
इसके बाद क्रोएशिया के खिलाफ सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत हासिल की। फाइनल में जब टीम को जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तो मार्टिनेज ने पेनल्टी शूटआउट में किंग्सले कोमान के शॉट को रोका, फिर वह इतनी मुस्तैदी से खड़े रहे कि टुचोमेनी ने गेंद ही कहीं और मार दी। इस तरह अर्जेंटीना ने 4-2 से पेनल्टी शूटआउट जीतकर 36 साल के सूखे को खत्म किया। 1986 में माराडोना के नेतृत्व में अर्जेंटीना ने पिछली बार विश्व कप जीता था।
इस तरह मार्टिनेज ने मेसी के सपने को पूरा किया। मेसी जब 2014 में जर्मनी के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में हारे थे तो उन्होंने कहा था कि वह वर्ल्ड कप जीतना चाहते हैं। नीदरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट जीतने के बाद जब सब खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो मेसी ने दूसरी तरफ भागकर मार्टिनेज को गले लगा लिया था। दोनों रो पड़े थे।
मार्टिनेज के शानदार प्रदर्शन से उन्हें यह भी मुकम्मल हुआ। उन्होंने मेसी को वह उपहार दे दिया, जिसका इंतजार मेसी को ही नहीं, दुनियाभर में उनके फैंस को भी था। कोपा अमेरिका के बाद मार्टिनेज ने फीफा वर्ल्ड कप में भी गोल्डन ग्लव का अवॉर्ड अपने नाम किया और बता दिया कि वह क्यों मौजूदा समय के बेस्ट गोलकीपर हैं।