फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑस्कर तबरेज: छड़ी के सहारे चलने वाला 70 पार का एक फुटबॉल कोच

Mon, 02 Jul 2018 03:50 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

रूस में चल रहे फुटबॉल विश्व कप के दूसरे नॉक-आउट मुकाबले में दक्षिण अमरीकी टीम उरुग्वे ने शनिवार को यूरोप की सबसे मजबूत टीमों में से एक पुर्तगाल को 2-1 से हरा दिया। जीत के बाद उरुग्वे टीम के ड्रेसिंग रूम में जब जश्न मनाया जा रहा था, उसी समय टीम के मैनेजर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'हमें बॉल को और ज्यादा वक्त तक अपने पास रखना चाहिए था। खेल के करीब 61 फीसद समय गेंद पुर्तगाल के पास थी। इसके लिए कुछ करना होगा।'

विज्ञापन


ये हैं 71 साल के उरुग्वे टीम के मैनेजर ऑस्कर वॉशिंगटन तबरेज सिल्वा जो अपनी टीम के बीच तीखी आलोचनाएं करने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि टीम के खिलाड़ियों को उनकी साफगोई बहुत पसंद है। कोच ऑस्कर तबरेज के बारे में उनके खास दोस्त मजाक में कहते हैं, 'ऑस्कर फ़ुटबॉल गेम में आने से पहले प्राइमरी स्कूल का मास्टर रहा है। इसलिए उसकी 'मास्टरों वाली' आदत है।'

12 साल लंबा निर्विवाद करियर

60-70 के दशक में ऑस्कर तबरेज का एक सीनियर फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में 12 साल लंबा निर्विवाद करियर रहा है। लोग उन्हें एक सुलझे हुए शख्स के तौर पर देखते हैं। लेकिन उनका टीम मैनेज करने का अनुभव इससे काफी ज्यादा विस्तृत है।

करीब 30 साल लंबे कोचिंग करियर में उन्होंने कोलंबिया, अर्जेंटीना, इटली और स्पेन के बड़े फ़ुटबॉल क्लबों को मैनेज किया है। लोगों की जुबां पर चढ़े हुए और इटली में मुख्यधारा के क्लब समझे जाने वाले एसी मिलान के भी ऑस्कर तबरेज मैनेजर रह चुके हैं।

'गिलान बारे सिंड्रोम' से लड़ते रहे

3 मार्च, 1947 को ऑस्कर तबरेज का जन्म हुआ था। करीब दो दशक पहले ऑस्कर को 'गुलेन बार सिंड्रोम' (जीबीएस) नाम की एक शारीरिक समस्या हो गई थी। इस सिंड्रोम के कारण आदमी की मांसपेशियाँ कमजोर पड़ने लगती हैं और कभी-कभार साँस लेने में भी दिक्कत होती है। बीते कुछ सालों में ऑस्कर तबरेज की तबीयत तेजी से बिगड़ी है और उनके शरीर पर इस सिंड्रोम का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। 

यही वजह है कि ऑस्कर मैच के दौरान मैदान के बाहर एक छड़ी के सहारे खड़े दिखाई देते हैं। लेकिन अपनी टीम और फुटबॉल के लिए उनका जोश किसी किस्म की समस्या को जाहिर नहीं होने देता।

साल 2006 के अंत से लेकर अब तक, ऑस्कर तबरेज ही उरुग्वे टीम के कोच हैं। उनके होते हुए उरुग्वे टीम ने कुल चार बार फ़ुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया है और एक बार सेमीफाइनल तक पहुंची है। रूस में चल रहे फुटबॉल विश्व कप, 2018 के ग्रुप स्टेज मुक़ाबलों में कोई भी टीम उरुग्वे के खिलाफ एक गोल नहीं कर पाई थी।

9 नंबर जर्सी की कहानी

ऑस्कर वॉशिंगटन तबरेज सिल्वा की पुरानी फोटो के साथ सुआरेज
इस बारे में ऑस्कर तबरेज ने उरुग्वे की ग्रुप स्टेज मुकाबलों में मिस्र पर हुई जीत के बाद कहा था, 'गेंद गोल के भीतर जाए या निशाने से दूर। हमें हमेशा गोल दागने के बारे में सोचते रहना चाहिए। जिस आक्रामकता के साथ मेरी टीम खेल रही है, मैं उससे खुश हूँ। हालांकि, उन्हें अंतिम-16 से सेमीफाइनल मुक़ाबले तक पहुँचने के लिए और जोर लगाना होगा।'

ऑस्कर तबरेज दुनिया के ऐसे पांचवें फुटबॉल मैनेजर हैं जिसने चार विश्व कप प्रतियोगिताओं (1990, 2010, 2014 और 2018) में एक ही टीम को मैनेज किया हो। उनसे पहले इस फेहरिस्त में इंग्लैंड के वॉल्टर विंटरबॉटम, जर्मनी के जोसेफ हर्बर्गर, जर्मनी के ही हेलमूट और हंगरी के लोयोश बारतोरी का नाम शामिल है। 

उरुग्वे में फ़ुटबॉल प्रेमी अंक '9' को सबसे बेहतरीन और इस खेल के लिए 'लकी नंबर' मानते हैं। यही वजह थी कि जब ऑस्कर तबरेज उरुग्वे के लिए खेलते थे तो उनकी जर्सी का नंबर 9 था। और यही वजह है कि आज उरुग्वे के सबसे स्टार खिलाड़ी लुई सुआरेज भी 9 नंबर की जर्सी पहनते हैं।
विज्ञापन

कावानी को लेकर चिंता

ऑस्कर तबरेज बीते कुछ सालों में कई मौकों पर ये कह चुके हैं कि लुई सुआरेज और एडिन्सन कावानी उरुग्वे के खेल को अगले स्तर पर ले गए हैं। हालांकि शनिवार को पुर्तगाल के ख़िलाफ़ खेले गए मुकाबले में 31 साल के एडिन्सन कावानी के चोटिल होने की वजह से ऑस्कर तबरेज थोड़े चिंतित हैं।

उन्होंने कहा है, 'कावानी की चोट टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात है। कावानी के पास रिकवर होने के लिए बहुत कम वक्त है। हम ये पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी चोट कितनी गंभीर है।' बहरहाल, उरुग्वे की फुटबॉल टीम साल 1930 और 1950 के फ़ुटबॉल विश्व कप में विजेता रह चुकी है। इस विश्व कप में सेमीफाइनल के लिए उरुग्वे का अगला मुकाबला फ्रांस से है। ये मैच रूस के निजनी नोवगरॉड मैदान में खेला जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें