अमेरिका ने फीफा विश्व कप 2026 में ईरान फुटबॉल टीम की यात्रा व्यवस्थाओं का बचाव किया है। हालांकि उनका कहना है कि वह लगातार स्थिति का आकलन कर रहा है। टूर्नामेंट के लिए व्हाइट हाउस टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गियुलियानी ने कहा कि ईरान टीम के कड़े विरोध के बावजूद मूल योजना में बदलाव नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने इस यात्रा व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। ईरान की टीम 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ टूर्नामेंट का अपना दूसरा मैच खेलने उतरेगी।
क्या है ईरान की नाराजगी?
- ईरान टीम टूर्नामेंट के यात्रा नियमों को लेकर बेहद निराश है।
- इन नियमों के मुताबिक टीम को मैच के आयोजन स्थल पर मैच शुरू होने से केवल 24 घंटे पहले ही पहुंचने की अनुमति है।
- इसके साथ ही हर मैच के तुरंत बाद उन्हें मेक्सिको के तिजुआना स्थित अपने ट्रेनिंग कैंप में वापस लौटना होगा।
- ईरान टीम के मुख्य कोच अमीर घालेनोही ने इन व्यवस्थाओं की कड़ी आलोचना की है।
- उनका दावा है कि इस विश्व कप में उनकी टीम को किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।
व्हाइट हाउस टास्क फोर्स ने क्या दिया तर्क
गियुलियानी ने साफ किया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने पुष्टि की है कि रविवार को लॉस एंजिलिस में बेल्जियम के साथ होने वाले मुकाबले के बाद शुक्रवार को सिएटल में मिस्र के खिलाफ होने वाले ईरान के अंतिम ग्रुप-स्टेज मैच के यात्रा प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। गियुलियानी ने कहा, यह स्थिति गतिशील है। हमारे पास फिलहाल एक योजना तैयार है। बेल्जियम के खिलाफ मैच के बाद वे तिजुआना के लिए 27 मिनट की उड़ान भरेंगे। हम देखेंगे कि दूसरे मैच में चीजें कैसी रहती हैं और फिर उसके अगले दिन इस बात पर चर्चा होगी कि सिएटल में होने वाले तीसरे मैच के लिए व्यवस्था कैसी होगी।
गियुलियानी का मानना है कि ईरान के ट्रेनिंग बेस को बदलने से उनके यात्रा के समय में कमी आई है। उन्होंने कहा, टूसॉन से तिजुआना में बेस शिफ्ट करना सभी लोगों के लिए अच्छा रहा। इससे निश्चित रूप से लॉस एंजिलिस के लिए उनकी यात्रा का समय कम हुआ है। टूसॉन की तुलना में अब उनकी उड़ान का समय एक घंटा कम हो गया है। लॉस एंजिलिस में पहले मैच के लिए जैसी व्यवस्थाएं रहीं, हम उससे खुश हैं।
वीजा को लेकर भी हुआ था विवाद
वीजा संबंधी मामलों पर बात करते हुए गियुलियानी ने कहा, मैं इस बात पर ध्यान दिलाना चाहूंगा कि ईरान के सभी खिलाड़ियों और कोचों को वीजा दे दिया गया है। हालांकि, टीम के कुछ अधिकारियों को वीजा नहीं मिला है क्योंकि हमें उनके बारे में कुछ आपत्तिजनक जानकारियां मिली थीं। सुरक्षा और व्यवस्था के बीच यही वह संतुलन है जिसकी हम बात करते हैं।