भारतीय समयानुसार रविवार देर रात (24 अगस्त 1 am के आसपास) बायर्न म्यूनिख ने छठी बार चैंपियंस लीग की ट्रॉफी अपने नाम की। 50 साल में पहली बार फाइनल में पहुंचे फ्रांस के क्लब पेरिस सेंट जर्मेन (PSG) को खिताबी मुकाबले में 0-1 से हार का सामना करना पड़ा।
पीसएजी की हार से बौखलाए फैंस ने पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में जमकर रोष जाहिर किया। दर्जन भर प्रशंसकों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। पेरिस में मैच देखने की सार्वजनिक जगह पर 100 से ज्यादा लोगों को रोकने में पुलिस के पसीने निकल गए।
मैच भले ही कोरोना काल में बंद दरवाजे के पीछे खेला गया हो, लेकिन मैदान के बाहर तो सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। पेरिस की मशहूर और बेहद भीड़भाड़ वाली जगहों में से एक चैंप्स एलिसे के एक क्लब से पुलिस को बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ना पड़ा क्योंकि कोरोना वायरस का खौफ तो दूर कई लोगों ने मास्क तक नहीं पहना था।
पश्चिमी पेरिस में तो गमगीन फुटबॉल प्रेमियों को संभालना मुश्किल हो रहा था। कई मौके आए जब भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। बड़ी स्क्रीन पर नेमार, किलियन एम्बाप्पे, थिआगो सिल्वा जैसे खिलाड़ियों को फेल होता देख प्रशंसक भड़कते रहे।
सरकार ने चैंप्स एलिसे में 3 हजार पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की थी, 2 हजार से ज्यादा मास्क वितरित किए गए थे। सब-वे ट्रेन शाम से ही रोक दिए गए थे। चैंप्स एलिसे आने वाली हर सड़क में यातायात थम गया था। इतनी सुरक्षा के बावजूद हार से भड़के फैंस ने कई गाड़ियां फूंक दीं क्योंकि पहली बार 1974 में चैंपियन बनने वाला यह फ्रेंच क्लब इस बार जर्मन क्लब बायर्न म्यूनिख को चैंपियन बनने से नहीं रोक सका।