फ़ीफ़ा विश्व कप के ग्रुप सी मैच में पहले हाफ़ में पिछड़ने के बाद आइवरी कोस्ट ने शानदार वापसी करते हुए जापान को हरा दिया।
आइवरी कोस्ट की टीम ने जापान को 2-1 से हरा कर फ़ीफ़ा विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत की। पहले हाफ़ के दौरान कीसुक होंडा के हैरतअंगेज़ गोल के कारण कोस्टा रिका की टीम पिछड़ गई थी। लेकिन स्ट्राइकर डीडियर ड्रोग्बा की वापसी के साथ ही विलफ्रेड बोनी और सर्ज ऑरियर के शानदार प्रदर्शन ने टीम में एक नई जान फूंक दी।
बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के जॉन बेनेट के अनुसार, ''आइवरी कोस्ट ने गज़ब वापसी की। विलफ्रेड बोनी को मैदान पर बनाए रखते हुए विकल्प के तौर पर डिडियर ड्रोग्बा को वापस मैदान पर लाने का मुख्य कोच लामूची का निर्णय शानदार रहा।''
शानदार वापसी
तीन अंकों के साथ आइवरी कोस्ट की टीम ग्रुप सी में कोलंबिया के साथ शीर्ष पर पहुंच गई है। इस ग्रुप में कोलंबिया और ग्रीस भी हैं। इसी ग्रुप के एक अन्य मुक़ाबले में कोलंबिया ने ग्रीस को 3-0 से हराया था।
आइवरी कोस्ट का यह तीसरा विश्व कप है और इससे पहले वो ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाया था। लेकिन इस बार टीम की शानदार शुरुआत से उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, पहले लगा था कि टीम मैनेजर साब्री लामोची के साथ कुछ ठीक नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने पूर्व चेल्सी स्ट्राइकर ड्रोग्बा को मैदान से बाहर बिठाया था।
एशियाई चैंपियन जापान की टीम बहुत तेज़ और काफ़ी फुर्तीली थी। उसने पहले हाफ़ में 16 मिनट के खेल में होंडा के बेहतरीन गोल के साथ बढ़त भी हासिल कर ली थी।
जापानी प्रशंसकों में हताशा
एसी मिलान के इस मिडफ़ील्डर ने एक पास को अपने कब़्जे में ले लिया और अपने बाएं पैर के एक जोरदार शॉट से फ़ुटबॉल को गोल के ऊपरी कोने में पहुंचा दिया।
जापान ने पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफ़ाई किया है। आइवरी कोस्ट के मिडफ़ील्डर याया टॉरी ने अपने शानदार खेल की कुछ झलक दिखाई, जबकि कई मौके गंवाने के लिए बोनी दुखी दिखाई दिए।
लेकिन ड्रोग्बा के मैदान पर उतरने के कुछ ही देर बाद ऑरियर ने बॉल को काफ़ी दूर रहे गोल में डाल दिया। इसके दो मिनट बाद ही गर्विन्हो अपने शानदार हेडर की बदौलत जापान के गोलकीपर इज़ी कावाशिमा के ऊपर से गोल दागने सफल रहे।