भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री इन दिनों अपनी युवा ब्रिगेड की कंसिस्टेंसी और कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन की रोटेशन पॉलीसी को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि मौजूदा समय में खिलाड़ियों के अनुशासित व्यवहार और प्रदर्शन से वह काफी खुश हैं। साल 2019 में होने वाले एएफसी एशियन कप में टीम के प्रदर्शन से उन्हें काफी उम्मीद है।
एक इंटरव्यू में छेत्री ने बताया कि आगामी टूर्नामेंट के लिए उनकी टीम बेहतर प्रयास कर रही है। टीम के खिलाड़ियों में कंसिस्टेंसी की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी अपने प्रदर्शन का स्तर उठाने के लिए हमें खुद को चुनौतियां देनी होंगी। गौरतलब है कि युवाओं से भरी इंडियन फुटबॉल टीम ने बीते अक्टूबर में मकुआ को हराकर एशियन कप में क्वालीफाई किया था।
भारत के लिए हमेशा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छेत्री ने कहा कि टीम में अच्छे प्रदर्शन की जिम्मेदारी किसी एक खिलाड़ी की नहीं है, बल्कि इसके लिए टीम के सभी खिलाड़ियों को आगे आना होगा। मौजूदा समय में हमारी फुटबॉल में कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जो किसी भी समय मैच को पलटने का मादा रखते हैं।
भारतीय फुटबॉल टीम ने साल 2011 में आखिरी बार अपना कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट खेला था। टीम इंडिया इस टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और बहरीन जैसी दिग्गज टीमों से हारकर बाहर हो गई थी। हालांकि टूर्नामेंट में छेत्री ने कुछ अहम गोल कर टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया था।
33 साल के सुनील छेत्री मानते हैं कि इस टूर्नामेंट से पहले उनकी टीम जितने ज्यादा मैच खेलेगी, उनके लिए उतना बेहतर होगा। छेत्री ने दावा किया है कि कॉन्टिनेंटल टूर्नामेंट में उनकी टीम साल 2011 की हार का इतिहास दोबारा नहीं दोहराएगी। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में बैंगलुरु एफसी की तरफ से खेल रहे सुनील छत्री इन दिनों बेहतरीन फॉर्म में हैं।