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फुटबॉल: सुनील छेत्री को मौजूदा भारतीय टीम से ईर्ष्या! ब्राजील-उरुग्वे से टीम इंडिया की भिड़ंत पर क्या बोले?

Sun, 30 Aug 2026 08:58 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के पूर्व कप्तान सुनील छेत्री ने सितंबर में ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ खेलने जा रही भारतीय टीम को लेकर उत्साह जताया है। उन्होंने माना कि मौजूदा खिलाड़ियों को इन दिग्गज टीमों के खिलाफ खेलने का मौका देखकर उन्हें थोड़ी ईर्ष्या हो रही है। छेत्री ने युवा खिलाड़ियों से बिना दबाव अपना सर्वश्रेष्ठ देने की अपील की।
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सुनील छेत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय फुटबॉल टीम के लिए सितंबर का महीना बेहद खास होने वाला है। टीम को ब्राजील और उरुग्वे जैसी विश्व फुटबॉल की दिग्गज टीमों के खिलाफ मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा। भारत के पूर्व कप्तान और देश के महान फुटबॉलरों में शामिल सुनील छेत्री भी इन मुकाबलों को लेकर काफी उत्साहित हैं।

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हालांकि, मौजूदा खिलाड़ियों को यह अवसर मिलता देखकर छेत्री के मन में खुशी के साथ थोड़ा अफसोस भी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्वीकार किया कि उन्हें मौजूदा पीढ़ी के खिलाड़ियों से थोड़ी ईर्ष्या हो रही है, क्योंकि अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्हें कभी ब्राजील या उरुग्वे जैसी टीमों का सामना करने का मौका नहीं मिला।

'मुझे थोड़ी ईर्ष्या होती है'
छेत्री ने कहा कि वह अब एक प्रशंसक के तौर पर भारतीय टीम को देख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक दर्शक के तौर पर मुझे थोड़ी ईर्ष्या होती है। अपने 24-26 साल के पेशेवर करियर और करीब 20 साल के राष्ट्रीय टीम के सफर में मुझे ऐसा मौका कभी नहीं मिला।'

भारत के लिए लंबे समय तक कप्तानी करने वाले छेत्री ने कहा कि इन मुकाबलों की खबर सुनकर उन्हें अपने खेल के दिनों की याद आती है। हालांकि, वह चाहते हैं कि मौजूदा खिलाड़ी इस बड़े अवसर को दबाव की तरह न लें और अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करें।

फिटनेस और आत्मविश्वास पर जोर
छेत्री ने उम्मीद जताई कि ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ मुकाबलों के दौरान भारतीय खिलाड़ी फिट रहेंगे और पूरी ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरेंगे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें विरोधी टीम की प्रतिष्ठा से प्रभावित होने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए।

उनके मुताबिक, ऐसे बड़े मुकाबले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को परखने और सीखने का महत्वपूर्ण मौका देते हैं। टीम में मौजूद युवा प्रतिभाओं का जिक्र करते हुए छेत्री ने कहा, 'टीम में कई प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हैं। हर किसी को मौका मिलता है। मुझे भी करीब 20 साल पहले अपना मौका मिला था।'

चयन पर कोच का किया समर्थन
भारतीय टीम में कुछ खिलाड़ियों के चयन और कुछ नामों को बाहर रखे जाने से जुड़े सवालों पर भी छेत्री ने कोच और उनके सहयोगी स्टाफ का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि टीम की जरूरत और रणनीति को सबसे अच्छी तरह कोच ही समझ सकते हैं। छेत्री ने कहा, 'इसका जवाब कोच को देना है। अब मैं भी बाकी लोगों की तरह एक प्रशंसक हूं और टीम को देख रहा हूं।'
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वापसी के सवाल पर किया मजाक
हाल ही में दोबारा अभ्यास शुरू करने वाले छेत्री ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की किसी भी संभावना को मजाकिया अंदाज में खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी मौजूदा फिटनेस का जिक्र करते हुए कहा, 'मैंने सिर्फ 20 मिनट ट्रेनिंग की है। अब मैं करीब 42 साल का हूं। ठीक से दौड़ भी नहीं पाता और काफी मुश्किल हो रही है।' राष्ट्रीय टीम से दूर होने के बावजूद छेत्री का मौजूदा खिलाड़ियों पर भरोसा कायम है। उनका मानना है कि अब युवा खिलाड़ियों का समय है और ब्राजील-उरुग्वे जैसी टीमों के खिलाफ मिलने वाले मौके को उन्हें यादगार बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
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