धीमी शुरुआत, लेकिन फिर लगातार छह जीत
- स्पेन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। विश्व कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे ने उसे गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। स्पेन ने पूरे मैच में लगातार हमले किए, लेकिन केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने सात शानदार बचाव कर मैच का रुख बदल दिया। हालांकि, यही मुकाबला स्पेन के लिए चेतावनी साबित हुआ। इसके बाद टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
- दूसरे मुकाबले में सऊदी अरब को 4-0 से हराकर स्पेन ने अपना आक्रामक अंदाज दिखाया। लामिन यमाल ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल किया, जबकि मिकेल ओयारजाबाल ने चार मिनट के भीतर दो गोल दागकर मैच लगभग खत्म कर दिया। ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में एलेक्स बैएना के इकलौते गोल की बदौलत उरुग्वे को 1-0 से हराकर स्पेन सात अंकों के साथ ग्रुप-एच में शीर्ष पर रहा।
जीत का जश्न मनाते हुए स्पेन के खिलाड़ी
- फोटो : Fifa.com
आंकड़े बताते हैं कि स्पेन क्यों अलग है
स्पेन के अभियान पर नजर डालें तो उसकी सफलता सिर्फ शानदार पासिंग या गेंद पर कब्जे की वजह से नहीं रही।
- सात मैचों में छह जीत और एक ड्रॉ, यानी अब तक कोई हार नहीं।
- पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया।
- चार क्लीन शीट लगातार रखने के बाद कुल मिलाकर छह क्लीन शीट दर्ज कीं।
- पुर्तगाल और बेल्जियम के खिलाफ लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में इंजरी टाइम या अंतिम मिनटों में विजयी गोल किए।
- ओयारजाबाल, मेरिनो और पेड्रो पोरो जैसे अलग-अलग खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई, जिससे टीम किसी एक स्टार पर निर्भर नहीं रही।
- लामिन यमाल ने गोल और निर्णायक मौकों का निर्माण कर स्पेन के आक्रमण को नई धार दी।
यानी जहां अर्जेंटीना ने बार-बार पिछड़कर मुकाबले पलटे, वहीं स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और सही समय पर निर्णायक प्रहार किया।