पुतलों की जगह स्टेडियम में बिठाए गए सेक्स डॉल्स
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न तो कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है और न ही अब तक इसकी कोई वैक्सीन सामने आई है, लेकिन दुनियाभर में अब धीरे-धीरे यह संदेश जा चुका है कि लोगों को इसके साथ ही जीने की आदत डालनी पड़ेगी। ठप पड़ चुके खेल टूर्नामेंट भी शुरू होने लगे हैं। इसी कड़ी में दक्षिण कोरिया में बिना दर्शकों के एक फुटबॉल मैच खेला गया, लेकिन इस दौरान कुछ ऐसा हुआ कि शर्मिंदगी की वजह से आयोजकों को अब माफी मांगनी पड़ रही है।
दरअसल, रविवार को दक्षिण कोरिया की शीर्ष फुटबॉल चैंपियनशिप के लीग में एफसी सिओल ने ग्वांगजू के खिलाफ घरेलू मैदान पर एक मैच खेला, जो 29 फरवरी को शुरू होने वाला था, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के उपायों के तहत फैंस को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी गई, लेकिन स्टैंड्स को भरने के लिए तैयार किए गए पुतलों की जगह सेक्स डॉल रख दिए गए।
खाली स्टेडियम को भरने के लिए टीम के खिलाड़ियों के आदमकद कटआउट के सामने 10 डॉल्स रखीं थीं। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब इन डॉल्स के हाथों में बीजे चाएरो लिखे पोस्टर्स नजर आए, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह डॉल्स के डिजाइन के पीछे की प्रेरणा है।
सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना झेलने के बाद क्लब एफसी सियोल ने इसके लिए सप्लायर को जिम्मेदार ठहराया। क्लब की ओर से फैंस से माफी मांगी गई। कहा गया कि इस मुश्किल वक्त में हम माहौल को हल्का रखना चाहते थे। हम इस बारे में गंभीरता से सोचेंगे कि जो हुआ ऐसा दोबारा न हो।
दक्षिण कोरिया में के-लीग के साथ जर्मनी में बुंदसलीगा फुटबॉल लीग की शुरुआत भी इसी सप्ताह हुई है। भारत में भी लॉकडाउन के चौथे चरण की घोषणा में खेल परिसर और स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताओं और प्रैक्टिस की अनुमति दे दी गई है।