सर्विसेज ने दूसरे हाफ में बिकाश थापा के गोल की मदद से मेजबान पंजाब को 1-0 से हराकर छठी बार राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप संतोष ट्रॉफी अपने कब्जे में कर ली। अपने इस अभियान में सेना की टीम अजेय रही। उसने एक भी मैच नहीं गंवाया।
सेना ने पिछला खिताब 2015 में इसी मैदान पर मेजबान पंजाब को पेनाल्टी शूटआउट में 5-4 से हराकर जीता था। मुकाबले की शुरुआत धीमी हुई। दोनों ही टीमों ने एक-दूसरे के आक्रमण की थाह लेने के लिए शुरुआत में आक्रामक तेवर नहीं अपनाए थे।
हालांकि पंजाब ने कई बार गोलपोस्ट पर निशाने साधे थे। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा सेना ने अपना नियंत्रण बनाना शुरू कर दिया। दोनों छोरों से हमले भी बोले। गोल करने के कई मौके भी बने थे।
दूसरे हाफ में लालावमकिमा ने बिकाश थापा को गोल सरकाई जिन्होंने गोल करने में चूक नहीं की। हालांकि उनका जर्सी उतारकर जश्न मनाना रेफरी की नजर में आ गया। पंजाब ने बराबरी के प्रयास किए और विक्रांत सिंह को मौका भी मिला था लेकिन उनका निशाना चूक गया।